काशी l हिंदू समाज के चरित्रवान होने पर ही सामर्थ्यशाली भारत बनेगा l उक्त विचार काशी दक्षिण भाग के संत रविदास नगर में गंगा किनारे सामने घाट पर सकल हिंदू समाज द्वारा आयोजित हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता के रूप में विधि संकाय काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ विवेक पाठक ने व्यक्त किया l राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित हिंदू सम्मेलन में मुख्य वक्ता ने कहा कि आधुनिकता की अंधी दौड़ में हमारे संयुक्त परिवार बिखरकर एकल हो गए हैं l
परिवार व्यवस्था को पुनः सुदृढरण करना होगा l नागरिक अनुशासन के संदर्भ में वक्ता ने बताया कि युग कोई भी हो अनुशासन से ही व्यवस्थाएं स्थापित होकर टिक सकती हैं l परिवार, ग्राम से लेकर विश्व तक सबके सुमंगल एवं सुरक्षा की गारंटी अनुशासन पर ही निर्भर है l स्व गौरव की प्रेरणा का बल ही जगत में हमारी उन्नति व स्वावलंबन का कारण बनने वाला व्यवहार उत्पन्न करता है ,उसी को हम स्वदेशी का आचरण कहते हैं l

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रविदास मंदिर के महंत भारत भूषण जी महाराज ने कहा कि संघर्ष और विदेशी षडयंत्रों के कारण अपने हिंदू समाज का ताना बाना बिगड़ा, यह बात जितनी सही है उतना ही यह भी सही है कि जातिगत अहंकार वह अस्पृश्यता की और मानवीय आचरण के कारण ही संघर्ष में हमें पराजय का मुंह देखना पड़ा l
कार्यक्रम में मंचस्थ अतिथियों के साथ श्रीकांत जी ,डॉक्टर जीतू राम जी एवं मीरा मिश्रा जी द्वारा भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ l सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया l हिंदू सम्मेलन के अंत में सभी नागरिकों एवं मुख्य अतिथियों के द्वारा भारत माता की आरती की गई l कार्यक्रम का संचालन आशुतोष जी ने किया l










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