वाराणसी। शहर की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी की। गोष्ठी में पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि संगठित अपराध, माफिया गतिविधियों और अवैध घुसपैठ के विरुद्ध अब केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि जड़ से सफाया किया जाए। उन्होंने कहा कि अपराधियों को तहस-नहस करते हुए पर्दे के पीछे सक्रिय माफियाओं तक पहुंचना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पुलिस आयुक्त ने गौकशी, गौ-तस्करी, नशीले कफ सिरप, वैश्यावृत्ति जैसे संगठित अपराधों में संलिप्त अपराधियों की वित्तीय एनालिसिस कर उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक अपराध से अर्जित धन और संपत्ति पर प्रहार नहीं होगा,
तब तक माफियाओं की कमर नहीं टूटेगी। ऐसे अपराधों में संलिप्त गिरोहों को चिन्हित कर उनके सभी सदस्यों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा गैंग को पूरी तरह समाप्त करने पर विशेष जोर दिया गया।
“ऑपरेशन टॉर्च” के अंतर्गत झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में निवासरत संदिग्ध व्यक्तियों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में कोई संदिग्ध व्यक्ति छूटने न पाए और अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों अथवा अन्य अवैध घुसपैठियों की पहचान कर विधिक कार्रवाई की जाए।
महिला एवं बालिका संबंधी अपराधों को लेकर पुलिस आयुक्त ने ‘Zero Tolerance’ नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छेड़खानी, घरेलू हिंसा, स्टॉकिंग, दुष्कर्म एवं पाक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एंटी-रोमियो स्क्वॉड को स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अधिक सक्रिय व दृश्यात्मक रूप से तैनात करने के निर्देश दिए गए। साथ ही थाना स्तर पर शोहदों की सूची बनाकर उनकी गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने को कहा गया।
गोष्ठी में हत्या, लूट, दुष्कर्म और संगठित अपराध जैसे गंभीर मामलों की विवेचना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सक्रिय अपराधियों, गैंगस्टरों, हिस्ट्रीशीटरों एवं टॉप-10 अपराधियों की गतिविधियों पर बीट पुलिस के माध्यम से निरंतर निगरानी रखने पर जोर दिया गया।
पुलिस आयुक्त ने अवैध शराब, जुआ, सट्टा, अवैध स्पा सेंटर तथा मादक पदार्थों की तस्करी एवं बिक्री के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कठोर वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही संभावित विवादों की रोकथाम के लिए BNSS की धारा 126/135 एवं 170 के अंतर्गत समयबद्ध निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी, मुख्य मार्गों व बाजारों में फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने, रात्रिकालीन पिकेट प्वाइंट्स की संख्या बढ़ाने तथा हॉटस्पॉट क्षेत्रों में रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक विशेष डोमिनेशन पेट्रोलिंग चलाने के निर्देश दिए गए। कोहरे व ठंड के मौसम को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा एवं सतर्कता बरतने पर भी बल दिया गया।
यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए अतिक्रमण के विरुद्ध निरंतर अभियान, गलत दिशा में वाहन चलाने वालों, अवैध पार्किंग, ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट/सीट बेल्ट और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
“ऑपरेशन चक्रव्यूह” के तहत बिना नंबर प्लेट, काली फिल्म लगे वाहन, दोपहिया पर तीन सवार और संदिग्ध युवकों पर विशेष कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही बिना परमिट चलने वाले ऑटो व निर्धारित मार्गों से हटकर चल रहे ई-रिक्शाओं पर भी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
गोष्ठी में सीएम डैशबोर्ड, आईजीआरएस और जनसुनवाई से संबंधित लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिसकर्मियों को जनता के साथ संवेदनशील, शालीन और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार अपनाने तथा जन शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश भी दिए गए।
इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं कानून-व्यवस्था) शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) राजेश कुमार सिंह, समस्त पुलिस उपायुक्त, अपर पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।










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