पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा साइबर क्राइम एवं क्राइम ब्रांच के कार्यों की व्यापक समीक्षा कर साइबर अपराधों की रोकथाम, प्रभावी जांच, तकनीकी समन्वय तथा त्वरित कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिये गये ।

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वाराणसी

दिनांक 18.11.2025 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी  मोहित अग्रवाल द्वारा साइबर क्राइम एवं क्राइम ब्रांच की व्यापक समीक्षा की गई, जिसमें साइबर अपराधों की रोकथाम, प्रभावी जांच और त्वरित कार्रवाई हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए ।

उन्होंने NCCRP पोर्टल पर दर्ज सभी शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, गंभीर मामलों की प्राथमिकता, पाँच लाख रुपये से अधिक के फ्रॉड में तत्काल अभियोग पंजीकरण और लंबित शिकायतों की साप्ताहिक समीक्षा के निर्देश दिए । साइबर अपराध में प्रयुक्त मोबाइल नंबर व IMEI को तत्काल ब्लॉक कराने, उसका रजिस्टर बनाए रखने तथा OTP/फर्जी नंबरों का डेटा साझा करने पर जोर दिया गया। म्यूल अकाउंट पहचान, बैंक समन्वय, खाते फ्रीज कराने, थानावार रजिस्टर बनाने और पुनरावृत्ति रोकने हेतु निगरानी के लिए निर्देश दिए गए ।

PoS से जुड़े फ्रॉड में संबंधित PoS की सत्यापन जांच तथा दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। आदतन साइबर अपराधियों का विस्तृत डेटाबेस तैयार कर उनकी गतिविधियों की सतत निगरानी, डिजिटल प्रोफाइलिंग और दोबारा अपराध पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए ।

प्रतिबिम्ब पोर्टल के माध्यम से संदिग्ध मोबाइल नंबर वाले हॉटस्पॉट चिन्हित कर योजनाबद्ध कार्रवाई तथा JIMS पोर्टल पर विवेचना की समयबद्ध अपडेट और मॉनिटरिंग अनिवार्य की गई । यह सभी निर्देश साइबर अपराध नियंत्रण को अधिक प्रभावी, तकनीकी और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं ।

इस दौरान पुलिस उपायुक्त अपराध सरवणन टी., अपर पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम नीतू, सहायक पुलिस आयुक्त साइबर क्राइम  विदुष सक्सेना सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।

 

 

रिपोर्ट – रिम्मी कौर

 

 

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