मुख्यमंत्री डैशबोर्ड एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा में जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश

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भदोही, 20 अगस्त 2026

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, करेत्तर राजस्व, राजस्व कार्यों तथा राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।

बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

जिलाधिकारी ने समस्त तहसीलदारों को अमीनवार राजस्व वसूली की साप्ताहिक समीक्षा करने तथा अभियान चलाकर वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बड़े बकायेदारों से प्रभावी ढंग से वसूली सुनिश्चित कराने को कहा।

साथ ही, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को पी एम स्वनिधि योजना सहित अन्य मदों में बकाया धनराशि की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाकर जनपद की राजस्व रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने समस्त नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि कैंप आयोजित कर पात्र लाभार्थियों का सत्यापन एवं लंबित प्रकरण को पूर्ण कराते हुए योजना की प्रगति में तेजी लाई जाए।

पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित राजस्व वादों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने इनके निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने “न्यायालय आपके द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत फील्ड विजिट कर अधिक लंबित प्रकरण वाले ग्राम पंचायतों में स्थलीय निरीक्षण करने तथा प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

पुराने लंबित वादों के निस्तारण में शिथिलता पर उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को कड़ी चेतावनी दी।

तहसील ज्ञानपुर में पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित अधिक प्रकरण पाए जाने एवं कार्य में लापरवाही बरतने पर उप जिलाधिकारी (न्यायिक), ज्ञानपुर भान सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्वामित्व योजना, वसूली, प्रधानमंत्री स्वनिधि, अंश निर्धारण, नामांतरण, नाम संशोधन, साल्वेंसी, जनसुनवाई एवं कृषक दुर्घटना सहायता सहित अन्य संकेतकों की समीक्षा की।

उन्होंने सी एवं डी श्रेणी में आने वाले संकेतकों में विशेष प्रयास करते हुए उन्हें ए श्रेणी में लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने विभागीय संकेतकों की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने का निर्देश दिया।

राजस्व न्यायालयों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अभियान चलाकर धारा-24 एवं धारा-34 के वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराने के निर्देश दिए।

समीक्षा में नायब तहसीलदार ज्ञानपुर भागीरथी द्वारा अधिकाधिक मुकदमों का निस्तारण किए जाने पर उनके कार्य की सराहना की गई तथा शेष लंबित प्रकरणों के निस्तारण में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

धारा-67 के मामलों में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का अनिवार्य रूप से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा आरसी वसूली शत-प्रतिशत पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध रूप से लाभान्वित करने को कहा गया।

करेत्तर एवं राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने परिवहन, आबकारी, राजस्व, नगर निकाय एवं खनन विभाग को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।

वाणिज्य कर विभाग की वसूली लक्ष्य से लगभग 32 प्रतिशत कम पाए जाने तथा वसूली का समुचित मिलान न होने पर उन्होंने संबंधित अधिकारी के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अगली समीक्षा बैठक से पूर्व सभी आरसी का मिलान कलेक्ट्रेट स्थित सीआरए पटल पर अनिवार्य रूप से कराया जाए।

इसी प्रकार सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) को परिवहन विभाग की समस्त आरसी का भी सीआरए पटल पर मिलान कराने के निर्देश दिए।

बैठक में , खतौनी अंश निर्धारण, स्वामित्व योजना, एंटी भू-माफिया अभियान, ऑडिट आपत्तियों एवं राजस्व वादों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप पूरी गंभीरता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करते हुए सभी लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही निर्धारित करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) शुभांगी शुक्ला, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विजय नारायण सिंह, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

रिपोर्ट – फ़ारूख़ जाफ़री

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