मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का मुख्यमंत्री द्वारा वाराणसी से किया गया शुभारंभ

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मीरजापुर |

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारम्भ एवं डी०बी०टी० वितरण कार्यकम का शुभारम्भ मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में दिनांकः 08 जुलाई 2026 को प्रातः 10ः00 बजे से जनपद वाराणसी से किया गया। उक्त कार्यक्रम का सजीव प्रसारण जनपद मीरजापुर के विकास भवन स्थित सभागार में मुख्य अतिथि आशीष पटेल, कैबिनेट मंत्री प्राविधिक शिक्षा उपभोक्ता संरक्षण उ०प्र० सरकार की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। विशिष्ट अतिथि के रूप में रिकीं कोल विधायक छानबे उपस्थित रही।

सर्वप्रथम मुख्य अतिथि द्वारा सभागार में सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जलित किया गया। मुख्य अतिथि द्वारा अपने उद्बोधन में बताया गया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना के शुभारम्भ होने से जनपद मीरजापुर के बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक-5466 अनुदेशक-442, शिक्षामित्र-2391, रसोइयों- 5307, कस्तूरबा गाँधी आ०बा०वि०-140 कुल-13746 कार्मिक लाभान्वित होगें।

मंत्री प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले मंत्री आशीष पटेल ने अपने सम्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शुभारम्भ होने से शिक्षक अथवा उनके परिवार के सदस्यों के बीमार होने पर अब इलाज के लिए परेशान होने की आवश्यकता नहीं होगी। वर्तमान सरकार शिक्षकों के परिवार के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चलने को तैयार है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बड़े हर्ष का विषय है

कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वाराणसी में इस कार्यक्रम का विस्तृत रूप से आयोजन किया जा रहा है और प्रत्येक जनपद में एक मंत्री के नेतृत्व में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहायता प्राप्त शिक्षक को जिनकी संख्या 1129 है जिला विद्यालय निरीक्षक के अंतर्गत आते हैं इनको इस योजना का लाभ मिलने जा रहा है बेसिक शिक्षा परिषद के 5466 शिक्षकों को 442 अनुदेशकों को 2391 शिक्षामित्र को 5307 रसोइयों को एवं कस्तूरबा गांधी विद्यालय के 146 लोगों को कल 13746 कार्मिक लाभान्वित होंगे

जिन्हें बिना एक रूपया खर्च किए अपने उपचार के लिए 05 लाख का नि:शुल्क लाभ ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत की योजना से लोगों को कितना लाभ प्राप्त हुआ है हर व्यक्ति जो पहले बीमार पड़ता था उपचार के लिए अपनी जमीन गिरवी अथवा अपनी जमीन को बेचता था या किसी साहूकार से उधार लेता था और उनको अधिक ब्याज देना पड़ता था बयाज ना देने पर उनकी संपत्ति अथवा जेवर जप्त कर लिए जाते थे लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान योजना प्रारंभ हुई

और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हमारे भाइयों, माताओ, बहनों के लिए एक नई ताकत देने का कार्य किया है। इसी प्रकार आज मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बेसिक शिक्षा परिषद और माध्यमिक शिक्षकों को योजना का लाभ मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से आपको परेशानी हो रही थी कि हमारे परिवार व हमारा खुद का उपचार कैसे होगा आज उस परेशानी को दूर करने का कार्य इस योजना के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं धन्यवाद देता हूं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिन्होंने भारत के जनमानस को आयुष्मान योजना देने का काम किया

एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी मैं धन्यवाद देना चाहता हूं कि जिनके नेतृत्व में शिक्षक भाइयों को यह योजना प्राप्त करने का अवसर मिलने जा रहा है। मंत्री ने कहा कि मुझे बड़ा गर्व है कि प्रत्येक शिक्षक जो किसी विद्यार्थी को घड़े की तरह सजाता संवरता है आज उसके जीवन को संवारने का अवसर इस योजना के माध्यम से होने का काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि ईश्वर न करें कि किसी के यहां कोई बीमार पड़े किंतु जब बीमार पड़ता है तो उस समय यह योजना रामबाण की तरह है

किसी से कुछ पैसे लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी 5 लाख बड़ी रकम होती है हमारे जनपद के अंदर छोटी बीमारियां हैं जिनका उपचार 50 से 60 हजार के खर्चे में हो जाता है किंतु यदि कोई गंभीर बीमारी है तो उसके लिए भी सरकार आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है आपको 05 लाख का कैशलेस अर्थात आपको किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी आपको सिर्फ कार्ड लेकर अस्पताल में डॉक्टर को दे देना है जो उपचार करना है कैसे करना है उसमें आपको कोई भी परेशानी नहीं होगी। मंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज की वह पहली मुख्य दीवार है

जो अपने विद्यार्थी को गढ़ने का काम करते हैं यदि शिक्षक मन से टूटा है तो वह दीवार ढह जाएगी और यदि शिक्षक मन से टूटा है तो वह दीवार बहुत ही शीघ्र ढह जाएगी इसीलिए शिक्षक का प्रसन्न रहना आवश्यक है और हमारी सरकार आप सभी शिक्षकों को प्रसन्न करने का निरंतर प्रयास कर रही है। आप सभी शिक्षक हमारे विद्यार्थियों को मन से गढ़ने का कार्य करें भविष्य में आपके लिए हमारी सरकार के द्वारा और अनेक योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि विधायक छानबे रिंकी कोल ने अपने सम्बोध में कहा कि मुख्यमंत्री को आभार प्रकट करते हुए कहा कि शिक्षको के लिए शिक्षक कैसलेश चिकित्सा योजना जो 05 लाख तक की बीमारी के उपचार के लिए शिक्षक बंधुओ के लिए वरदान साबित होगी।

उक्त अवसर पर आज ही मुख्यमंत्री द्वारा जनपद मीरजापुर में कक्षा 1 से कक्षा-8 तक के अध्ययनरत छात्र/छात्राओं के अभिभावकों के खाते में डी०बी०टी० के माध्यम से जूता- मोजा, ड्रेस, स्कूल बैग, स्वेटर आदि के लिए कुल नामांकित बच्चे- 2,21,336 के सापेक्ष 182,975 अभिभावकों के खाते में रू0 1200-00 की दर प्रति प्रति छात्र स्थानान्तरित किया गया। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा परिषद के 20 शिक्षकों को एवं 02 शिक्षकों के पूरे परिवार को प्रतिकात्मक कैशलेस चिकित्सा कार्ड मुख्य अतिथि द्वारा प्रदान किया गया।

उक्त कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विकास भवन सभागार में अपर जिलाधिकारी, नमामि गंगे विजेता, जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार दीक्षित, उप निदेशक कृषि, विकेश पटेल व जिला बेसिक शिक्षा अधिकरी अनिल कुमार वर्मा, समस्त जिला समन्वयक, समग्र शिक्षा, एवं खण्ड शिक्षा अधिकारी सिटी, छानवे, कोन की उपस्थिति में अध्यापकों सजीव प्रसारण के माध्यम से मुख्यमंत्री का उद्बोधन दिखाया गया। कार्यक्रम के समापन के पश्चात जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मीरजापुर द्वारा निर्देशित किया गया

कि जनपद में समस्त आयु संगत बच्चों का कक्षाओं में प्रवेश दिलाया जाय 06 से 14 वर्ष आयुवर्ग के सभी बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से है। विगत वर्षों में स्कूल चलो अभियान के माध्यम से शिक्षा के प्रति जन जागरूकता उत्पन्न करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है एवं यह भी कहा गया कि 03 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले शत् प्रतिशत बच्चों का ऑगनबाड़ी/ बाल वाटिका में नामांकन कराया जाय। 06 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले समस्त बच्चों का कक्षा-01 में शत् प्रतिशत नामांकन कराया जाय।

07 से 14 वर्ष के समस्त ड्राप आउट/आउट ऑफ स्कूल बच्चों का चिन्हीकरण एवं विद्यालयो में शत् प्रतिशत नामांकन कराया जाय। बी०एस०ए० मीरजापुर द्वारा शिक्षकों को बच्चों के प्रति समर्पित भाव से विद्यालय में शिक्षण कार्य कराये जाने हेतु निर्देश दिया गया। यह भी अवगत कराया गया कि बेसिक शिक्षा में पूर्व की भाँति अब भौतिक संसाधन प्राइवेट विद्यालयों के अपेक्षाकृत बेहतर हो गया है। वर्तमान में बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में बच्चों के लिए सभी प्रकार के संसाधन उपलब्ध है अब बच्चों को शिक्षकों के द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से बेहतर किया जा सकता है।

 

रिपोर्ट भोलानाथ यादव

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