लखनऊ:
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की, जिसमें गौ-माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने और राम मंदिर चढ़ावा मामले जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई।
करीब 30 मिनट तक चली इस बैठक के बाद अखिलेश यादव ने बताया कि शंकराचार्य जी गौ-माता को लेकर बेहद चिंतित हैं।
मुख्य बातें और बड़े बयान
गौ-माता या पशु? शंकराचार्य ने प्रदेशव्यापी फीडबैक का जिक्र करते हुए कहा कि जब जनता से पूछा गया कि वे गाय को पशु मानते हैं या माता, तो सबने उसे ‘माता’ माना। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “आप लोग गाय को माता मानते हैं, लेकिन आपकी सरकार कहती है कि गाय पशु है।”
राम मंदिर चढ़ावा मामला और घोटाला: मंदिर में हुए कथित घोटाले को लेकर शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री जी कह रहे हैं कि कार्रवाई होगी। कार्रवाई तो होगी, लेकिन जब नया मुख्यमंत्री आएगा, तब तगड़ी कार्रवाई करेगा।”
81 दिनों की ‘गोविधि यात्रा’: दरअसल, शंकराचार्य गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने के लिए 81 दिनों की गोविधि (गोरक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा निकाल रहे हैं। इसी सिलसिले में वह लखनऊ पहुंचे थे और फैजुल्लागंज इलाके में जगन लाल यादव गेस्ट हाउस में रुके थे।
4 महीने में दूसरी मुलाकात
यह पिछले चार महीनों में अखिलेश यादव और शंकराचार्य के बीच दूसरी मुलाकात है। इससे पहले इसी साल 12 मार्च को भी अखिलेश यादव ने लखनऊ में शंकराचार्य से मुलाकात की थी। इस हालिया मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव जमीन पर बैठे नजर आए।











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