डीडीयू नगर ख्यालगढ़ लौंदा चंदौली मंगल सिक्योरिटी फोर्स प्राइवेट लिमिटेड के तत्वाधान में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ रामबाग ख्यालगढ़ लौंदा में स्थित कालिका धाम में व्यास पीठ से प्रथम दिन की कथा मेंउद्बोधन देते हुए श्रीमद् भागवत भूषण एवं मानस मर्मज्ञ श्री श्री अखिलानंद जी महाराज ने भक्तों को भगवान से जुड़ने के लिए भक्ति की व्याख्या की
उन्होंने कहा कि भवसागर से तरन – तारण के लिए एवं प्रभु से युक्त होने के लिए दो दो मुख्य मार्ग हैं । एक है कर्म मार्ग दूसरा ज्ञान मार्ग । ज्ञान मार्ग संख्या का मार्ग है तो वहीं कर्म मार्ग यथार्थ योग मार्ग है । ज्ञान मार्ग हो या कर्म मार्ग दोनों में भक्ति की परम आवश्यकता है । भक्ति दोनों के साथ घुल- मिल जानी चाहिए ।
ज्ञान के साथ अगर भक्ति नहीं होगी तो ज्ञान में अभिमान आएगा ज्ञान मुक्त करता है लेकिन ज्ञान का अभियान जीव को बंधता है । पूर्ण वैराग्य के बिना ज्ञान में सिद्धि नहीं मिलती । कर्म मार्ग राजपथ है हर कोई उसे पथ पर चलकर जा सकता है ।
कर्म में अगर भक्ति होगी तो कर्म पूजा बन जाएगा उसी प्रकार बोलने में भक्ति होगी तो बोलना स्तुति बन जाएगा , चलने में भक्ति होगी तो चलना परिक्रमा बनेगा , देखने में भक्ति हो तो वह दर्शन बनेगा , भोजन में भक्ति मिलने से भोजन यज्ञ बन जाता है , सोने में भक्ति मिलने से वह समाधि बन जाता है , तुम जो भी क्रिया करो उसमें भक्ति होनी ही चाहिए ।
महाराज जी ने व्यास पीठ से कहा कि ज्ञान और वैराग्य के द्वारा भक्ति पुष्ट होती हैं । परमात्मा को प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में तीन मार्ग बताए गए कर्म , ज्ञान , भक्ति जिसमें उन्होंने भक्ति को श्रेष्ठ बताया भक्ति के द्वारा ही हम भगवान को पा सकते हैं ।
भक्ति रूपी प्रेम की डोर से हम भगवान को अपना बना सकते हैं कथा में मुख्य यजमान के रूप में – श्री दीनानाथ सिंह ,परमहंस सिंह (महासचिव जिला कांग्रेस कमेटी) एवं हरिवंश नारायण सिंह रहे । कथा में मुख्य रूप से श्री देवेंद्र प्रताप सिंह (मुन्ना) जी (आईसीसी सदस्य) , श्री अरुण कुमार द्विवेदी जी (जिला अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी ) ,राकेश पाठक (ब्लॉक अध्यक्ष नियामताबाद ), राकेश सिंह (ब्लॉक अध्यक्ष चंदौली ),चौबे जी , नरेंद्र प्रताप सिंह , पाठक जी , महंत सिंह , कमलेश सिंह , टुन्ना महाराज , मनोज सिंह , राजेंद्र तिवारी ,जोगिंदर सिंह , कपिल मुनि सिंह , बाबूलाल यादव , रामप्रसाद यादव , रामजी राम , मुन्नू सिंह , अमित पांडे ,जितेंद्र पांडेय , आलोक पांडेय सहित सैकड़ो भक्तों ने कथा का रसपान कर भाव विभोर हो गए
कर्म कर्म ज्ञान और भक्ति से परमात्मा की होती है प्राप्ति – अखिलानंद
कर्म में भक्ति होने से कर्म पूजा बनेगा – अखिलानंद
कर्म मार्ग ज्ञान मार्ग दोनों में भक्ति की परम आवश्यकता – अखिलानंद










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