चंन्दौली बबुरी उच्च न्यायालय से जान बचाकर भागे अशोक इंटर कॉलेज के निलंबित प्रबंधक
भ्रष्टाचार, अराजकता, लुट -खसोट वित्तीय अनियमितता एवं जमीन घोटाले, जैसे कुकृत्यों में दोषी पाए गए अशोक इंटर कॉलेज के प्रबंधक अशोक सिंह को शासन ने 16 D और 16 D4 की कार्यवाही करते हुए पूरी समिति सहित इन्हें दो -दो बार निलंबित कर दिया है।
इन्होंने वित्तीय गमन के बाद अशोक इंटर कॉलेज बबुरी विद्यालय के साढें दस एकड़ जमीन और उस पर बने पूरे भवन को हड़पने एवं कब्जा करने की नियत से बिना शासन के परमिशन के बगैर नियमों का उल्लंघन करते हुए फर्जी तरीके से अपने भांजे के नाम से फर्जी ट्रस्ट बनाकर हथियाना चाहते थे। विद्यालय की जिस जमीन और उस पर बने भवन को हथियाना चाहते थे ,उसकी कीमत लगभग 70 करोड़ आकी गई है ।
इतने बड़े घोटाले के बाद जब शासन ने इनके ऊपर कार्यवाही किया तो यह अपने कुकृत्यों से बचने के लिए दूसरी बार उच्च न्यायालय का शरण लिए, लेकिन जब न्यायालय ने भी इनको रिलीव नहीं दिया तो यह कार्यवाही के डर से अपने सारे कुकृत्यों एवं गलतियों को स्वीकार करते हुए स्वयं अपनी ही फाइल को डिस्पोज कराते हुए जान बचाकर भागे। वही सन 2015 से विद्यालय में प्रधानाचार्य के पद पर राणा प्रताप सिंह नियुक्त थे ।
लेकिन शासन ने इनको भी तीन-तीन मार्ग सीट और तीन तीन जन्मतिथि पर सर्विस करने तथा वित्तीय अनियमितता में दोषी पाए जाने पर इन्हें भी निलंबित कर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में संबध्द कर दिया गया है, उनके बदले में कार्यवाहक प्रधानाचार्य वीरेंद्र कुमार सिंह को प्रधानाचार्य बनाया गया है जबकि विद्यालय में वीरेंद्र कुमार सिंह व सहायक अध्यापक,रणविजय सिंह द्वारा गुट बाजी व गोलबंदी करके विद्यालय को बर्बाद व तहस-नहस करने में पूरी भूमिका रही है।
जबकि इसी वर्ष बोर्ड की परीक्षा में सहायक अध्यापक अब्दुल्ला की लड़की परीक्षा दे रही थी लेकिन वीरेंद्र कुमार सिंह ने उनको अपने पास परीक्षा कक्ष में बैठाकर के नकल कराने हेतु परिषदीय कार्यों में लगाए रखा, यह कार्यवाहक प्रधानाचार्य वीरेंद्र कुमार सिंह आज भी निलंबित प्रबंधक और प्रिंसिपल के आदेशानुसार अनियमित, मनमाना व नियम विरुद्ध कार्य कर रहे हैं।
विगत तीन वर्षों में जितनी भी विद्यालय में अनैतिक व अराजक कार्य हुए हैं ,इनमें उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।इनके द्वारा आज भी विद्यालय में गुटबाजी का माहौल बना हुआ है। यह सीनियरिटी और जूनियारिटी का ध्यान न रखते हुए निलंबित प्रबंधक के आदेशानुसार उनके चहेते अध्यापकों को मनमाना पद पर रख रहे हैं जबकी विद्यालय में बढ़ती अराजकता एवं गिरते शिक्षा के स्तर व लुट- खसोट तथा वित्तीय अनियमितता में वीरेंद्र सिंह और रण विजय सिंह का भरपूर सहयोग रहा है,और आज भी है।
भ्रष्टाचार के इन सभी तथ्यों की जानकारी शासन को 3 वर्ष पहले से ही है लेकिन आज तक शासन ने इतने बड़े अपराधी एवं दोषी को सजा क्यों नहीं दी । आगे शासन इन दोषियों के ऊपर क्या कार्यवाही करती है, जबकि क्षेत्र की जनता एवं अशोक इंटर कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति ने शासन के ऊपर नाराजगी जाहिर करते हुए यह मांग करती है कि शासन विद्यालय के 10:30 एकड़ जमीन को तत्काल विद्यालय को वापस कराये तथा सन 2015 से लेकर अब तक का प्रधानाचार्य एवं प्रबंधक के द्वारा गमन किए गए बच्चों के द्वारा प्राप्त फीस की रिकवरी कराते हुए दोषी के ऊपर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेजने का प्रयास करें। ताकि न्याय हो।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी











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