एसीपी व थानाध्यक्ष समेत पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपी को मिली अग्रिम जमानत

Picture of voiceofshaurya@gmail.com

voiceofshaurya@gmail.com

FOLLOW US:

Share

वाराणसी। पानी के विवाद की सूचना को लेकर मौके पर पहुंचे एसीपी, थानाध्यक्ष समेत कई पुलिस कर्मियों पर जानलेवा हमला करने के मामले में सात आरोपितों को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गयी। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने सुल्तानपुर, रामनगर निवासी आरोपित उमेश सोनकर, अजय सोनकर, गणेश प्रसाद विश्वकर्मा, राममूरत पटेल, चिराग पटेल, मुकुंद पटेल व अजय मौर्या को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की दशा में 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, आनंद तिवारी पंकज व संदीप यादव ने पक्ष रखा।

अभियोजन पक्ष के अनुसार 9 नवम्बर 2025 को रामनगर थाने के उपनिरीक्षक जयप्रकाश सिंह को सूचना मिली कि सुल्तानपुर गांव में पानी के पाइप को लेकर कुछ लोग ग्राम प्रधान रितू देवी से मारपीट कर रहे हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्राम प्रधान की तहरीर पर विशेष मौर्या, राहुल विश्वकर्मा व रोहित पटेल को पकड़कर थाने ले आये। इसकी जानकारी पाकर सुल्तानपुर गांव के सैकड़ों लोग थाने पहुंचकर घेराव करने लगे। इस पर थानाध्यक्ष रामनगर ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी।

सूचना पाकर एसीपी कोतवाली अतुल अंजान समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करने लगी, तभी ग्रामीण उग्र हो गये और एसीपी, थानाध्यक्षा समेत कई पुलिस कर्मियों को जान से मारने की नियत से ईंट-पत्थर से हमला करने लगे। हमले में एसीपी, थानाध्यक्ष रामनगर समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर रुप से घायल हो गये। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में 55 नामजद समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उपरोक्त 19 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

 

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई

जहांगीरगंज में संतोष पांडेय पर संरक्षण का आरोप, प्रशासनिक उदासीनता से जूझ रहे ग्रामीण शिकायतकर्ताओं से दुर्व्यवहार और जांच में लीपापोती खंड शिक्षा अधिकारी संतोष पांडेय के खिलाफ बढ़ा आक्रोश।