ठेकेदार की धोखेबाजी का हुआ पर्दाफाश: 13.77 लाख की मजदूरी के लिए सिंधोरा थाने पर मजदूरों का विशाल जमावड़ा

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वाराणसी सिंधोरा थाना क्षेत्र में (शुक्रवार) को उस समय हड़कंप मच गया, जब लगभग दर्जनों की संख्या में पुरुष और महिलाओं ने एक साथ थाने का घेराव कर दिया। यह सभी लोग मजदूर थे, जो एक ठेकेदार पर ₹13 लाख 77 हजार की बड़ी बकाया मजदूरी न देने का आरोप लगाते हुए, उसे पकड़कर पुलिस के पास लाए थे।
प्रतापगढ़ में काम कराने के बाद नहीं दिया रूपये जानकारी के मुताबिक, इन मजदूरों को ठेकेदार द्वारा प्रतापगढ़ ले जाया गया था। मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार ने उन्हें आम के बागानों में आम तोड़ने के काम पर लगाया था।

जब मजदूरों ने काम के दौरान या काम खत्म होने के तुरंत बाद अपने मेहनत का पैसा मांगा, तो ठेकेदार हमेशा यह कहकर टाल देता था कि काम पूरा होने पर सबका पेमेंट हो जाएगा।मजदूरों ने बताया कि आम का सीजन खत्म हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन ठेकेदार लगातार उन्हें टालता रहा और उनका बकाया ₹13,77,000 देने में आनाकानी कर भाग रहा था। ठेकेदार को बाजार में पकड़कर 112 से लाए थाने मजदूरों की सतर्कता काम आई। कल उन्हें वह धोखेबाज ठेकेदार सिंधोरा बाजार की तरफ दिख गया। आक्रोशित मजदूरों ने तत्काल ठेकेदार और उसकी चार पहिया गाड़ी को घेर कर पकड़ लिया।

इसके बाद उन्होंने तत्परता दिखाते हुए डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने ठेकेदार को हिरासत में लेकर सिंधोरा थाने पहुंचाया। मजदूरों का विशाल समूह अब थाना प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार त्रिपाठी से अपने न्याय की गुहार लगाते हुए थाने पर डटा हुआ है। सभी मजदूर अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने और ठेकेदार को सजा दिलवाने के लिए एकजुट होकर इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस मामले में पुलिस आगे क्या कार्रवाई करती है और मजदूरों को उनकी बकाया मजदूरी मिल पाती है या नहीं, यह देखने वाली बात होगी।

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

 

 

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