J&K के नौगांव में 17 अक्टूबर को ‘जैश–ए–मोहम्मद’ नाम से पर्चे लगे मिले। इन पर स्थानीय लोगों को चेतावनी लिखी थी कि वो जांच एजेंसियों का साथ न दें। पता चला कि सहारनपुर, यूपी में रह रहे अनंतनाग निवासी डॉक्टर अदील अहमद ने पोस्टर लगवाए थे। 6 नवंबर को J&K पुलिस ने सहारनपुर से अदील को अरेस्ट कर लिया।
डॉ. अदील ने पूछताछ में अपने साथियों डॉ. मुजम्मिल अहमद, उसकी गर्लफ्रेंड शाहीन, डॉ. अमर के नाम बताए। मुजम्मिल और शाहीन फरीदाबाद, हरियाणा की अल फलाह यूनिवर्सिटी में डॉक्टर और प्रोफेसर हैं। ये सब भी पकड़े गए। फिर मुजम्मिल ने मेवात, हरियाणा के हाजी इश्तियाक का नाम बताया। इश्तियाक के घर से पुलिस को 2900 KG विस्फोटक मिला।
इन सबसे पूछताछ में डॉक्टर उमर का नाम सामने आया। पता चला कि कुछ विस्फोटक उसके पास है। वो भी अल फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत है। जांच एजेंसियां उमर के पीछे लग गईं। उमर 10 नवंबर की सुबह फरीदाबाद से आई–ट्वेंटी कार लेकर भाग निकला। वो बदरपुर बॉर्डर से दिल्ली में एंट्री किया। शाम करीब 7 बजे इस कार में ब्लास्ट हो गया।
अब तक 12 लोग मारे गए, 20 से ज्यादा घायल हैं।
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला









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