चन्दौली डीडीयू नगर
बहरीन में 28 से 30 अक्टूबर तक आयोजित एशियन यूथ गेम्स के रेसलिंग के फाइनल में 55 किलो भार वर्ग में फ्री स्टाइल में जापान के यामोटो शुरू साटा को चित कर गोल्ड मेडल जीता है। एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर वापस लौटने पर रेलकर्मी के पहलवान बेटे का भव्य स्वागत किया गया।
नगर के इंडियन इंस्टीट्यूट कॉलोनी में रहने वाले जयवीर सिंह के पिता जय सिंह रेलवे के एलएंडटी (संकेत एवं दूरसंचार) विभाग में कार्यालय अधीक्षक है। उन्होंने रेलवे की ओर से कुश्ती प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया और 12 मेडल जीते हैं। पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए जयवीर ने 10 वर्ष की उम्र में पहलवान के दांव पेंच सीखने शुरू कर दिया। वर्ष 2023 में अंडर 15 नेशनल रेसलिंग में चैंपियन बनने के बाद वह बैंगलोर में कुश्ती सीखने चला गया। वर्तमान में इरान के कोच आमिर तबाकोयिलन से कुश्ती की बारिकियां सीख रहा है।
इसी बीच बहरीन में आयोजित एशियन यूथ गेम्स में भारत की ओर से 55 किलो भार वर्ग से प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। भारत से 10 पहलवानों की टीम बहरीन पहुंची। यहां फ्री स्टाइल में सेमीफाइनल में कजाकिस्तान के इब्राहिम को हराकर पहुंचे। वहीं 29 अक्तूबर को खेले गए फाइनल मैच में जापान के यामोटो शुरूसाटा को चित कर गोल्ड पर कब्जा जमाया। जयवीर ने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता, बहन और कोच को दी है। उसने कहा कि उसका सपना ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतना है।
जयवीर की इस सफलता पर पिता जय सिंह के साथ माता सुनीता देवी, गुरु मनोहर यादव, संतोष यादव, पंचम राम, रवि कुमार, रविंद्र कुमार, योगेंद्र सिंह यादव, कन्हैया पहलवान, सुरेंद्र पहलवान, सकलैन हैदर ने खुशी व्यक्त की है।











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