चार दिवसीय छठ महापर्व की नहाय-खाय के साथ शनिवार से शुरुआत होगी। इसके लिए कछला नगर पंचायत प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कछला घाट पर तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। घाट पर प्राइवेट नाविक भी मौजूद रहेंगे। पूर्वाचल के लोगों की आस्था का प्रतीक छठ महापर्व चार दिवसीय होगा। पारंपरिक तरीके से गंगाघाट पर सूर्य भगवान की आराधना की जाएगी। शनिवार नहाय-खाय के साथ व्रती महिलाएं गंगा स्नान कर छठी मइया का पूजन करेंगी।
दूसरे दिन पूरे दिन निर्जल रहकर शाम को शुद्ध आटे की रोटी, साठी के चावल, गाय के दूध से खीर बनाकर नए गुड़ के साथ घर पर छठी मइया को नमन कर भोग लगाया जाएगा तीसरे दिन गंगा स्नान के बाद नए वस्त्र धारण किए जाएंगे। अंतिम दिन व्रती महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर कौंछ भरेंगी और आपस में गले मिलकर बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त करेंगी। गंगाघाट पर व्रती महिलाओं और उनके परिजनों की सुविधा के लिए नगर पंचायत प्रशासन की ओर से शुक्रवार सुबह से ही व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया।
कछला के सफाई प्रभारी कुलदीप कश्यप ने बताया कि घाटों की सफाई करा दी गई है। घाट पर ही प्राइवेट नाविक भी मौजूद रहेंगे। उधर, गंगाघाट के दुकानदारों ने बिहार की संस्कृति से जुड़े त्योहार की सामग्री में बांस की टोकरी और सूप आदि मंगा लिए हैं। अन्य सामग्री तो व्रती महिलाएं और उनके परिजन खुद ही साथ लेकर पहुंचते हैं। वही बाजारों में लोग समान खरीदते नजर आए
रिपोर्ट-धनेश्वर साहनी











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