वाराणसी में तीन दिन में 3 लाख की साइबर ठगी, महिला ने पुलिस कमिश्नर से लगाई न्याय की गुहार

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वाराणसी    डिजिटल युग में बढ़ती साइबर ठगी के मामलों के बीच वाराणसी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। चोलापुर थाना क्षेत्र के पाही गांव निवासी ऊषा देवी पत्नी त्रिलोकी प्रसाद के साथ ऑनलाइन ठगी कर उनके बैंक खाते से करीब ₹2.96 लाख रुपये उड़ा लिए गए। पीड़िता ने इस बाबत पुलिस कमिश्नर वाराणसी को लिखित शिकायत देकर ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 

ऊषा देवी ने बताया कि उनका खाता यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, मुर्दहा शाखा में है। उनके खाते से तीन अलग-अलग तारीखों में बड़ी रकम गायब हो गई —

• 10 अक्टूबर 2025 को ₹98,000

• 11 अक्टूबर 2025 को ₹99,000

• 13 अक्टूबर 2025 को ₹99,000

इस तरह तीन दिनों में कुल ₹2.96 लाख रुपये खाते से निकाल लिए गए।

पीड़िता का कहना है कि जब उनके खाते से पैसे निकले, उस समय उन्हें कोई मैसेज या कॉल नहीं आया। कुछ दिन बाद जब उन्होंने बैलेंस चेक किया तो ठगी की जानकारी मिली। तत्काल उन्होंने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल किया और फिर थाना चोलापुर में लिखित शिकायत भी दी।

लेकिन ऊषा देवी के अनुसार, पुलिस ने अब तक उनके आवेदन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्हें केवल यह कहकर टाल दिया गया कि “आवेदन दे जाइए, काम हो जाएगा।” कई दिन बीत जाने के बाद भी न तो एफआईआर दर्ज हुई और न ही ठगों की पहचान के लिए कोई जांच आगे बढ़ी।

 

हताश होकर ऊषा देवी ने अब पुलिस कमिश्नर कार्यालय में जाकर औपचारिक अर्जी दी है और मामले में तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते ठोस कदम न उठाए गए तो वह न्याय के लिए उच्च अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगाएँगी।

 

स्थानीय लोगों में आक्रोश:

गांव के लोगों का कहना है कि अगर साइबर ठगी के मामलों में पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करेगी, तो अपराधियों के हौसले और बढ़ेंगे। उन्होंने भी मांग की है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ठगों की पहचान की जाए।

 

सवालों के घेरे में साइबर मॉनिटरिंग सिस्टम:

इस घटना ने वाराणसी पुलिस की साइबर निगरानी प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों के बावजूद शिकायतकर्ताओं को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है।

“हमारे मेहनत की कमाई एक झटके में उड़ गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्याय की उम्मीद में दर-दर भटक रही हूँ।”

 

रिपोर्ट -विजयलक्ष्मी तिवारी

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