छठ पूजा एक प्राचीन और पवित्र त्यौहार है जो छठी मैया के साथ सूर्य देवता को समर्पित होता है

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वाराणसी    अंतरराष्ट्रीय हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय सचिव संपूर्णानंद पाण्डेय ने प्रकृति की पूजा अर्चन के लिए विश्व विख्यात सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा के शुभारंभ के प्रथम दिवस नहाय-खाय से शुरू होने वाले महापर्व छठ पूजा की शुभकामनाएं दी। तथा कहा कि यह छठ पर्व का उत्सव उन सभी क्षेत्रों में मनाई जाती है जहां पर प्रकृति के मूल ज्ञान से गहरा नाता है। आज छठ पूजा बिहार ही नहीं अपितु पूरे विश्व में छठ पर्व का उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है।

इस तरह सूर्य ही इस पर्व के आध्यात्मिक देवता और शक्ति हैं. उन्हें वैदिक काल का प्रथम देवता माना जाता है. वह आदित्यों और देवताओं में सबसे बड़े हैं। राष्ट्रीय महासचिव अमित तिवारी ने कहा कि छठी मईया की कृपा अनंत है।‌ यह पूजा नहाय-खाय से लेकर खरना, संध्या अर्घ्य और प्रातःकालीन अर्घ्य तक हर चरण में केवल लोक आस्था और भक्ति की भावना प्रमुख रहती है। यही सरलता और आत्मसमर्पण छठ पूजा को सबसे विशेष और पवित्र बनाते हैं।

 

वाराणसी महिला जिला अध्यक्ष राधिका तिवारी जी ने कहा कि छठी मइया की उपासना के लिए की जाती है। सूर्य जीवन, ऊर्जा और स्वास्थ्य के प्रतीक हैं, जबकि छठी मइया संतान, समृद्धि और कल्याण की देवी मानी जाती हैं।जिला महासचिव सुजीत गुप्ता जी ने कहा कि छठ पूजा से मानसिक शक्ति मिलती है।

 

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

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