राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का विस्तार, सेवानिवृत आईएएस और आईपीएस शामिल

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दिल्ली :

राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 22 अक्टूबर 2025 को चार वरिष्ठ सलाहकारों को शामिल करने की घोषणा की गयी। आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशिकांत राय के निर्देशानुसार सेवानिवृत आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को आयोग में राष्ट्रीय सलाहकार के रूप में शामिल किया गया है।

आयोग की राष्ट्रीय महासचिव डॉ. प्रो. निशा सिंह ने बताया कि इन लोगों के राष्ट्रीय सलाहकारों के रूप में शामिल होने से राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग को बल और मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने अपार हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इन लोगों का लंबा प्रशासनिक अनुभव और सलाह, आयोग को नई ऊंचाईयों तक ले जाएगा।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल हुए सलाहकारों के नाम है :

सेवानिवृत आईएएस बिपिन कुमार सिंह ( भूतपूर्व निदेशक, जनसंपर्क विभाग, बिहार सरकार),

सेवानिवृत आईपीएस डॉ. चौरसिया चंद्रशेखर आजाद (भूतपूर्व डीआईजी, क्राइम ब्रांच, बिहार),

सेवानिवृत आईएएस  सतीश कुमार शर्मा (योजना विभाग, बिहार सरकार),

डॉ. प्रो. अमरेंद्र प्रसाद सिंह (विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र विभाग, टीएनबीयू, भागलपुर, बिहार)।

डॉ. जाकिर हुसैन एजुकेशन ट्रस्ट (रजिस्टर्ड) की ईकाई के रूप में राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग देश में पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रयासरत है। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग का  लक्ष्य है – पत्रकारों को एकजुट करना, उनकी समस्याओं का समाधान करना, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना। सलाहकार के रूप में इन वरिष्ठ पदाधिकारियों के शामिल होने से आयोग को अपने लक्ष्य प्राप्ति में सही मार्गदर्शन मिलेगा। सेवानिवृत आईएएस बिपिन कुमार सिंह बिहार में सूचना विभाग में काम कर चुके हैं और वे पत्रकारों की समस्याओं को गहराई से जानते हैं और निश्चित तौर पर आयोग को सही मार्गदर्शन देने का कार्य करेंगे।

वहीं सेवानिवृत आईपीएस डॉ. चौरसिया चंद्रशेखर आजाद जो बिहार में क्राइम ब्रांच के डीआईजी के रूप अपनी कुशल कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं, आयोग को उचित और कानूनी सलाह देंगे। सेवानिवृत आईएएस  सतीश कुमार शर्मा, जिस प्रकार बिहार सरकार के योजना विभाग में कार्य कर चुके हैं, उनके अनुभव का लाभ भी आयोग को मिलेगा। इसी तरह से तिलका मांझी विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष अपने शैक्षणिक ज्ञान और अनुभव का लाभ आयोग को प्रदान करेंगे।

 

रिपोर्ट –  सुरेश कुमार शर्मा

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