वाराणसी की ‘लेडी सिंघम’ नीतू कादयान ने करवा चौथ पर दी महिलाओं को सुरक्षा और सशक्तिकरण का संदेश

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वाराणसी दबंग अंदाज़, सख्त छवि और जनता से गहरे जुड़ाव के लिए जानी जाने वाली एडीसीपी (ADCP) नीतू कदयान ने करवा चौथ के अवसर पर सभी महिलाओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि करवा चौथ न सिर्फ पति-पत्नी के अटूट प्रेम, विश्वास और समर्पण का पर्व है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की उस जीवंत परंपरा का प्रतीक भी है जो परिवार और समाज को एक सूत्र में पिरोए रखती है।

एडीसीपी नीतू कादयान ने इस अवसर पर महिलाओं से अपील की कि वे पर्व के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति या असुविधा में तुरंत पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने कहा — “वाराणसी पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे तत्पर है। हमारा लक्ष्य हर बेटी, बहन और महिला को भयमुक्त माहौल देना है।”

‘लेडी सिंघम’ की छवि क्यों खास है

नीतू कादयान को उनके तेज़ तर्रार निर्णयों, निष्पक्ष कार्रवाई और अपराधियों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के लिए ‘लेडी सिंघम’ कहा जाता है। वाराणसी में उनके रहते अपराधियों में भय और आम जनता में भरोसा दोनों एक साथ देखने को मिलता है। वे कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भी सक्रिय रहती हैं और महिलाओं, बच्चों तथा कमजोर वर्गों की सुरक्षा और न्याय के लिए हर समय तत्पर रहती हैं।

जनता से गहरा जुड़ाव और सख्त प्रशासनिक रुख

एडीसीपी नीतू कादयान की छवि एक ऐसी अधिकारी के रूप में बनी है जो एक ओर अपराधियों पर शिकंजा कसने में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरततीं, वहीं दूसरी ओर जनता की समस्याओं को भी गंभीरता से सुनती हैं। उनका कार्यालय आम नागरिकों के लिए हमेशा खुला रहता है और वे हर शिकायत को व्यक्तिगत स्तर पर देखती हैं।

शुभकामनाओं के साथ दिया सुरक्षा का संदेश

करवा चौथ के अवसर पर उन्होंने सभी महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व “समर्पण, आस्था और प्रेम का प्रतीक है। इस दिन का उपवास नारी शक्ति के त्याग और आत्मबल का उदाहरण प्रस्तुत करता है।” उन्होंने इस मौके पर यह भी कहा कि पुलिस प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और हर स्तर पर प्रयास जारी हैं कि कोई भी महिला असुरक्षित महसूस न करे।

 

 

रिपोर्ट – विजयलक्ष्मी तिवारी

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