गोंड महासभा ने किया प्रदर्शन, मंदिर प्रबंधन में भागीदारी की मांग,

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कहा एफआईआर वापस लिया जाए

मिर्जापुर  अखिल भारतवर्षीय गोंड महासभा की जिला शाखा ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। संगठन ने ज्ञापन में बमलाई दाई (बिमलेश्वरी देवी) मंदिर विवाद के मामले में आदिवासी समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने और मंदिर प्रबंधन समिति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

 

महासभा के पदाधिकारियों ने बताया कि 27 सितंबर 2025 को नवरात्र के पांचवें दिन बमलाई दाई मंदिर में दर्शन के दौरान विवाद हुआ था। इस दौरान खैरागढ़ राज परिवार के राजकुमार भवानी बहादुर सिंह द्वारा मंदिर प्रबंधन और ट्रस्ट व्यवस्था पर लगाए गए गंभीर आरोपों का संगठन ने समर्थन किया है।

 

संगठन ने कहा कि खैरागढ़ के राजा कमल नारायण सिंह गोंड वंश के राजा थे, जिन्होंने लगभग दो हजार वर्ष पूर्व कुलदेवी बिमलाई दाई (बिमलेश्वरी देवी) की स्थापना सभी जाति-वर्गों को जोड़कर की थी। लेकिन वर्तमान में मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन समिति द्वारा राजपरिवार और आदिवासी समाज को प्रबंधन से बाहर कर दिया गया है, जो अन्यायपूर्ण और ऐतिहासिक परंपराओं के विपरीत है।

 

गोंड महासभा ने मांग की कि मंदिर प्रबंधन समिति में आदिवासी समाज की प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए तथा राजकुमार भवानी सिंह के विरुद्ध दर्ज एफआईआर वापस ली जाए। महासभा ने कहा कि मंदिर में आज भी वार्षिक श्रृंगार पूजा और परंपरागत पूजा विधि आदिवासी बैगा समाज के सदस्यों द्वारा ही संपन्न कराई जाती है, इसलिए मंदिर की संस्कृति, परंपरा और रीतिरिवाजों को संरक्षित रखना आवश्यक है।

 

प्रदर्शन के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

 

ज्ञापन देने वाले मे प्रमुख रूप से रामप्यारे गोंड बच्चा गोंड,रामसागर गोंड,मोनू गोंड ,जगदीश गोंड,राजेंद्र ,महेंद्र रामधनी ,सतीश ,महेश अशोक पारस, रविशंकर, जटाशंकर उपस्थित रहें

रिपोर्ट – भोलानाथ यादव

 

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