मांगों के समर्थन में भाकपा माले का दो दिवसीय सत्याग्रह अनशन शुरू

Picture of voiceofshaurya@gmail.com

voiceofshaurya@gmail.com

FOLLOW US:

Share

सकलडीहा,

अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के राष्ट्रीय नेतृत्व के आवाहन पर गुरूवार को दो दिवसीय भाकपा माले पदाधिकारियों का भूख हड़ताल शुरू किया। इस दौरान विभिन्न मांगों को लेकर सात लोग अनशन पर बैठे। वक्ताओं ने मांगे पूरी होने पर अनशन समाप्त करने की बात कही।

वक्ताओं ने हर हाथ को काम और 729 रूपया न्यूनतम दाम दिलाये जाने की मांग उठाया। कहा कि जहां गरीबों की झोपड़ी है वहीं पक्का आवास दिया जाय। आवास विहीनों को सात लाख रूपया और आवास दिलाया जाय। गरीबो के कर्ज और बिजली बिल माफ करने के साथ 200 यूनिट बिजली फ्री दिलाये जाने की मांग किया।

भाकपा( माले) राज्य स्थायी समिति सदस्य राम प्यारे राम ने कहा कि अभी हाल ही में जारी कई अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय सर्वे रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ है कि भारत में  असमानता बहुत बढ़ी है ।

मानव विकास सूचकांक (भूख गरीबी, शिक्षा स्वास्थ्य और लोकतांत्रिक अधिकारों के मामले में) भारत सौवें स्थान के बाद ही आता है। खासकर ग्रामीण गरीबों की आय चौतरफा घटी है, महंगाई बढ़ी है ,इसके अनुपात में मजदूरी नहीं बढ़ी है, लिहाजा 70 प्रतिशत ग्रामीण गरीब और किसान कर्ज की जाल में फंसे हुए हैं।

मनरेगा जो एक संबल के रूप में था वह भी बदलकर सबको काम पाने के  कानूनी अधिकार को खत्म कर दिया गया है। और समग्र देश में एक न्यूनतम मजदूरी तय करने से सरकार भाग खड़ी हुई है। उत्तर प्रदेश में बिजली के दाम बढ़ाए गए हैं, आज भी आवास विहिनो की बड़ी संख्या मौजूद है। सीलिंग, बंजर, परती आबादी की जमीन पर पीढ़ीयो से बसे हुए गरीबों को उजाड़ फेंका जा रहा है ‌।

उन्होंने गांव समाज बंजर की जमीनों से जबरिया बेदखली के बजाय , 5 डिसमिल जमीन का पट्टा  और आवाज देकर विनियमितिकरण करने की मांग उठाई अनशन पर मुन्नीलाल तूफानी को उमानाथ सारनाथ मुन्नी देवी चंपा देवी रही अतः में वक्ताओं अनिल पासवान विजय राम सांवर कुशवाहा का अभिलंब हाउस अरेस्ट खत्म कर दिया है करने की मांग प्रमुखता से उठाइ।

इस मौके पर सत्येंद्र अलगोदाम रामायण बाबा राजू चौहान दुलारी देवी हीरावती शिव पूजन चंद्रमा उमाकांत रहे।

 

रिपोर्ट – आलिम हाशमी

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई