कंदवा
विकास खंड बरहनी मे पंचायत भवनों की स्थिति दयनीय है।यहां कई एक मिनी सचिवालय खुलते ही नहीं हैं।झाड झंखाड से पटे सचिवालयों की सुधि लेने वाले जिम्मेदार भी अपने उत्तरदायित्वों से विमुख हो गए हैं ऐसे मे यहां एक ही छत के नीचे मिलने वाली सुविधाओं से ग्रामीण वंचित रह जा रहें हैं।पई कुसी मे झाड झंखाड से पटे सचिवालय की सुधि लेना अधिकारी भूल गए हैं।
मिनी सचिवालय एक ऐसा केन्द्र है जहां के संबंधित गांव के लोगों को एक ही छत के नीचे जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य जरुरी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं।इस कार्य के लिए हर गांव के सचिवालय पर पंचायत सहायक की तैनाती भी की गयी है।जिसको कार्य के बदले शासन स्तर से हर माह एक निश्चित धन राशि भी मानदेय के रुप मे मिलती है।वहीं सचिव को भी यहां बैठकर गांव के विकास का खाका खिंचना है
लेकिन यहां स्थिति इससे उलट है। पई कुसी मे बने सचिवालय के सामने झाड झंखाड लगा है।ताला बंद इस सचिवालय मे जब जिम्मेदार बैठ ही नहीं रहें हैं तो यहां ग्रामीणों को कैसे सुविधा मिलेगी यह यक्ष प्रश्न बनकर रह गया है।ग्रामीणों की मानें तो गांव मे तैनात सचिव ब्रह्मानंद यादव पंचायत भवन पर बैठने की बजाए सैयदराजा मे खुद का कार्यालय चलाते हैं।
ऐसे मे आवश्यक कार्य के लिए गांव के लोगों को सैयदराजा जाना पडता है जिससे ग्रामीणों का समय व धन व्यर्थ मे व्यय होता है। एक ही छत के नीचे स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सुविधाओं से यहां ग्रामीण महरुम हैं जिससे लोगों मे रोष व्याप्त है।गांव के प्रेमशंकर राय,धनंन्जय राय,अविनाश राय,प्रमोद ,गुलाब खरवार सहित अन्य द्वारा सचिवालय संचालन की मांग की गयी है।









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