तीन दिन पहले बीते माता की तेरही आज निधन चन्द्रहास सिंह का

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जमानिया ( गाजीपुर)

क्षेत्र में स्थित नरसिंहपुर में 12 अगस्त 2026 दिन वृहस्पतिवार रात्रि 10.10pm का दिन चन्द्रहास सिंह के परिवार, रिश्तेदारों और उन्हें चाहने वाले सभी लोगों के लिए अत्यंत पीड़ादायक हो गया। 66 वर्ष की आयु में चन्द्रहास सिंह का निधन केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि एक ऐसे आत्मीय और संवेदनशील इंसान का चले जाना है, जिसकी उपस्थिति से अपनों के सुख में खुशी और दुःख में सहारा मिलता था।

नरसिंहपुर वासी का कहना है कि विधि का विधान भी कितना कठोर है। अभी उनकी 84 वर्षीय माता की तेरही को बीते मात्र तीन दिन ही हुए थे। माँ के जाने का दुःख शायद उनके मन में अभी ताजा ही था, घर का वातावरण अभी शोक से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि चन्द्रहास स्वयं इस संसार से विदा हो गए।

ऐसा लगता है जैसे माँ की ममता ने उन्हें अपने पास बुला लिया हो—माँ के जाने के बाद बेटे का यूँ चले जाना परिवार के लिए शब्दों से परे एक असहनीय पीड़ा है। दस वर्ष पहले उनके छोटे भाई का मुंबई में निधन हुआ था। उस घटना का दर्द भी परिवार ने उनके साथ जिया था। समय बीतता गया, जीवन आगे बढ़ता रहा, लेकिन अपनों को खोने की टीस मन के किसी कोने में बनी रही। चन्द्रहास के जाने से उन पुराने घावों की पीड़ा भी मानो फिर से जाग उठी है।

चन्द्रहास सिंह अपने पीछे तीन भतीजों को छोड़ गए हैं। उनके लिए बड़े पिता केवल परिवार का एक रिश्ता नहीं थे, बल्कि एक ऐसा स्नेहिल सहारा थे जिसकी कमी जीवन भर महसूस होगी। परिवार के प्रत्येक सदस्य के सुख-दुःख में सम्मिलित होना उनके स्वभाव का हिस्सा था। किसी के घर खुशी हो तो वे प्रसन्नता बाँटने पहुँच जाते, और किसी पर संकट आए तो अपनेपन के साथ उसके पास खड़े दिखाई देते। रिश्तों को निभाना उन्होंने केवल शब्दों से नहीं, अपने व्यवहार से सीखा और सिखाया।

उनका जाना इसलिए भी अधिक पीड़ादायक है क्योंकि कुछ लोग अपने पीछे केवल स्मृतियाँ नहीं छोड़ते—वे अपने व्यवहार, स्नेह और आत्मीयता से लोगों के जीवन में अपनी एक जगह बना जाते हैं। चन्द्रहास सिंह भी ऐसे ही व्यक्ति थे। आज उनकी आवाज़ नहीं सुनाई देगी, उनका स्नेहिल साथ नहीं मिलेगा, लेकिन उनके द्वारा दिए गए प्रेम और अपनत्व की स्मृतियाँ हमेशा जीवित रहेंगी।

कितना विचित्र संयोग है कि एक माँ अपने 84 वर्षों का जीवन पूरा कर तीन दिन पहले विदा हुई और आज उनका 66 वर्षीय पुत्र भी उसी संसार की ओर चले जाने से परिवार सहितपूरे गांव में दुःख की कहर बनी हुई है।

 

रिपोर्ट: विकास सिंह

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