विश्व आदिवासी दिवस पर गोंड समुदाय के कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब, प्रदेश स्तरीय अधिवेशन में लाखों की भीड़

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चन्दौली 

9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ एवं गोंड वेलफेयर इंप्लाइज एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित प्रदेश स्तरीय अधिवेशन में गोंड समुदाय की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में गोंड समाज के लोग पहुंचे। विशाल जनसमूह के बीच सामाजिक एकता, शिक्षा, रोजगार, अधिकारों और समाज के विकास को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि असम के पूर्व सांसद नव कुमार सरनिया ने कहा कि आदिवासी समाज की मजबूती उसकी एकजुटता में निहित है। समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ ही शिक्षा और संगठन को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को बेहतर शिक्षा और अवसर उपलब्ध कराना समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

कुशीनगर रामकोला विधायक विनय प्रकाश गोंडा ने कहा कि गोंड समाज ने हमेशा देश और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। समाज की समस्याओं के समाधान के लिए सभी को एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। उन्होंने युवाओं से शिक्षा के साथ सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने का आह्वान किया।

बहराइच के पूर्व सांसद अक्षयवर लाल गोंड ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस समाज की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और अधिकारों को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि समाज को आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आना होगा, तभी सामाजिक और राजनीतिक रूप से मजबूत स्थिति बनाई जा सकती है।

बहराइच सांसद डॉ. आनंद प्रकाश गोंड ने कहा कि गोंड समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपरा उसकी पहचान है। समाज के विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और युवाओं के सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए विकास की मुख्यधारा से जुड़ना चाहिए।

वक्ताओं की कड़ी में गोंड वेलफेयर इंप्लाइज एसोसिएशन चंदौली जिलाध्यक्ष सत्यनारायण प्रसाद ने समाज की एकजुटता और संगठन की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गोंड समाज को अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर कार्य करना होगा।

समाज की तरक्की के लिए शिक्षा को हथियार बनाते हुए युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एकजुट समाज ही अपने अधिकारों और सम्मान की मजबूती से रक्षा कर सकता है।

उन्होंने विश्व आदिवासी दिवस को समाज की संस्कृति, गौरव और एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का कार्य करते हैं।

कार्यक्रम का संचालन गोंड वेलफेयर इंप्लाइज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सिंह गोंडवंशी ने किया।

इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

 

रिपोर्ट – आलिम हाशमी

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