मीरजापुर
जनपद न्यायाधीश अनुपम कुमार और जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने आज नगर के मोर्चाघर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने किशोर बंदियों के आवासीय कक्ष, रसोई, शौचालय और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जनपद न्यायाधीश ने बच्चों से बातचीत कर पढ़ाई, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने अधीक्षक और जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि संप्रेक्षण गृह में रह रहे किशोरों का महीने में कम से कम दो बार स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए, नियमित शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और उन्हें कौशल विकास योजनाओं से जोड़ा जाए ताकि भविष्य में वे आत्मनिर्भर बन सकें। इस दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आनंद कुमार द्वितीय भी उपस्थित रहे।
जिला कारागार का भी निरीक्षण
इसके बाद जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और अपर पुलिस अधीक्षक नगर नितेश सिंह ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विभिन्न बैरकों, महिला बैरक, जेल अस्पताल और रसोईघर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परखा।
निरीक्षण के दौरान जेल पुलिसकर्मियों द्वारा बंदियों के झोलों की तलाशी ली गई, जिसमें कोई भी आपत्तिजनक वस्तु नहीं पाई गई। अधिकारियों ने रसोईघर में बन रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की और जेल अस्पताल में भर्ती बंदियों का नियमित परीक्षण कर समय से दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बंदियों से कहा कि जिन्हें विधिक सहायता या सरकारी अधिवक्ता की आवश्यकता हो, वे जेल अधीक्षक के माध्यम से अवगत कराएं, ताकि पात्रता के अनुसार उन्हें सहायता उपलब्ध कराई जा सके। अधिकारियों ने जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर महेंद्र सिंह मौजूद रहे।










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