ग्राम सभा की भूमि पर कथित अवैध कब्जे एवं बहुमंजिला भवन निर्माण की उच्चस्तरीय जांच की मांग

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चंदौली, ग्राम सभा ताहीरपुर, तहसील पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर, जनपद चंदौली की सरकारी/ग्राम सभा की भूमि पर कथित अवैध कब्जे एवं बहुमंजिला भवन निर्माण के मामले में शिकायतकर्ता ईशान मिल्की ने जिलाधिकारी चंदौली को विस्तृत प्रार्थना-पत्र देकर उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।

 

शिकायत में कहा गया है कि राजस्व अभिलेखों के अनुसार गाटा संख्या 68 श्रेणी 6-2 (अकृषिक भूमि–आबादी) के रूप में दर्ज है, जबकि गाटा संख्या 67 राजस्व अभिलेखों में नाला के रूप में दर्ज है। साथ ही, गाटा संख्या 67 के संबंध में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67 के अंतर्गत तहसीलदार न्यायालय द्वारा बेदखली एवं जुर्माने का आदेश भी पूर्व में पारित किया जा चुका है।

 

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत गोपालपुर की वर्तमान ग्राम प्रधान श्रीमती फातिमा बेगम एवं उनके पुत्र बदरे आलम उर्फ रिंकू द्वारा गाटा संख्या 67 एवं 68 पर कथित रूप से कब्जा कर बहुमंजिला भवन का निर्माण कराया गया है तथा वर्तमान में उसका निजी आवास के रूप में उपयोग किया जा रहा है। शिकायत में यह भी आरोप है कि भवन निर्माण के समय ग्रामीणों के बीच यह प्रचारित किया गया कि यहां आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण किया जा रहा है, जिससे लोग किसी प्रकार की आपत्ति या शिकायत न करें। शिकायतकर्ता ने इस आरोप की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

 

शिकायत में यह भी कहा गया है कि गाटा संख्या 67 पर बेदखली आदेश पारित होने के बावजूद आज तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण यथावत बना हुआ है। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से बेदखली आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया है।

 

इसके अतिरिक्त, शिकायत में मांग की गई है कि राजस्व विभाग से दोनों गाटों का सीमांकन कराया जाए, यह निर्धारित किया जाए कि भवन का कौन-सा भाग किस गाटा पर स्थित है तथा यदि भवन वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) के अधिकार क्षेत्र में आता है, तो स्वीकृत मानचित्र, भवन निर्माण अनुमति एवं अन्य वैधानिक स्वीकृतियों की भी जांच कराई जाए।

 

शिकायतकर्ता ईशान मिल्की ने कहा कि यदि जांच में सरकारी अथवा ग्राम सभा की भूमि पर अतिक्रमण अथवा अवैध निर्माण की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधि के अनुसार कठोर कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए।

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