शहाबगंज (चंदौली)
शहाबगंज विकासखंड क्षेत्र में जल संरक्षण के उद्देश्य से बनाया गया चेकडैम अब किसानों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनता जा रहा है। रविवार को हुई मामूली बारिश के बाद ही लेहरा ड्रेन पर बने चेकडैम के कारण आसपास के खेतों में भारी जलभराव हो गया, जिससे धान की जुताई और रोपाई का कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया। कई खेतों में पहले से रोपी गई धान की फसल भी पानी में डूब गई, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है।

जानकारी के अनुसार, लेहरा ड्रेन के कतकौलिया मौजा में लघु सिंचाई विभाग वाराणसी द्वारा जल संरक्षण के उद्देश्य से चेकडैम का निर्माण कराया गया है। किसानों का आरोप है कि चेकडैम का निर्माण गलत स्थान पर किया गया है, जिसके कारण बारिश का पानी निकासी नहीं कर पा रहा है और खेतों में बाढ़ जैसी स्थिति बन जा रही है।
रविवार को किसान विकास मंच के कार्यकर्ता खेतों में जुताई की स्थिति देखने पहुंचे, लेकिन खेतों में जलभराव देखकर उन्हें निराशा हाथ लगी। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो धान की खेती पर गंभीर असर पड़ेगा और भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसान विकास मंच के युवा कार्यकर्ता नरेंद्र मौर्य और किसान नेता प्रेम गिरी ने मौके पर पहुंचकर विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के नाम पर ड्रेन में चेकडैम बनाकर खेती को बचाने के बजाय किसानों के लिए संकट खड़ा कर दिया गया है। इससे जलभराव और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
किसान नेता प्रेम गिरी ने बताया कि चेकडैम हटाने के लिए लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता को पहले ही लिखित आवेदन दिया जा चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने शीघ्र चेकडैम के फाल को हटाकर पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं की, तो बड़ी संख्या में किसान जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
उन्होंने दावा किया कि यदि यही स्थिति बनी रही तो बेन, सीहर, बिशुनपुरवा और लेहरा क्षेत्र की हजारों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो सकती है, जिससे खरीफ की खेती बुरी तरह प्रभावित होगी।
इस दौरान शिवपूजन विश्वकर्मा, प्रेम गिरी, नरेंद्र मौर्य, अंगद पाल, सत्येंद्र सिंह, मोनू यादव सहित किसान विकास मंच के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी










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