बाल श्रम मुक्त अभियान के अंतर्गत चंदौली मुख्यालय से गोधना मोड़ तक विशेष संयुक्त रेस्क्यू एवं जन-जागरूकता अभियान, 5 किशोर श्रमिकों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया

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चन्दौली

जिलाधिकारी चंदौली चन्द्र मोहन गर्ग के निर्देशन में वर्ष 2026 तक आकांक्षी जनपद (Aspirational District) चंदौली को बाल श्रम मुक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित विशेष अभियान के क्रम में चंदौली मुख्यालय से गोधना मोड़ तक श्रम विभाग के नेतृत्व में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से संयुक्त रेस्क्यू एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान हाईवे पर स्थित होटलों, ढाबों, दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं अन्य संभावित कार्यस्थलों का सघन निरीक्षण किया गया, जिसमें 5 किशोर श्रमिकों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया तथा उनके पुनर्वास एवं आवश्यक विधिक कार्यवाही की प्रक्रिया नियमानुसार प्रारंभ की गई। साथ हीप्रतिष्ठान संचालकों एवं व्यापारियों को बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) के प्रावधानों, बाल श्रम के दुष्परिणामों तथा बच्चों के शिक्षा के अधिकार के संबंध में जागरूक किया गया। जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतिष्ठानों पर बाल श्रम मुक्त अभियान से संबंधित IEC पोस्टर एवं स्टिकर लगाए गए तथा बाल श्रम न कराने की अपील की गई।

जनपदवासियों एवं प्रतिष्ठान संचालकों से अनुरोध किया गया कि वे किसी भी बच्चे अथवा किशोर से श्रम न कराएं तथा बाल श्रम से संबंधित किसी भी सूचना की जानकारी तत्काल श्रम विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा आपातकालीन सेवा 112 पर उपलब्ध कराएं।

इस संयुक्त अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी, पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर पंकज सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, चंदौली चन्द्र प्रकाश, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) से रामजी दुसिया एवं उनकी टीम, नीति आयोग की डेवलपमेंट पार्टनर संस्था Association for Voluntary Action (AVA) के जिला चाइल्ड राइट्स एसोसिएट राकेश कुमार यादव तथा MSEMVS से गणेश ने सक्रिय सहभागिता की।

जनपद प्रशासन एवं श्रम विभाग द्वारा वर्ष 2026 तक आकांक्षी जनपद चंदौली को बाल श्रम मुक्त बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु इस प्रकार के संयुक्त रेस्क्यू, निरीक्षण एवं जन-जागरूकता अभियान निरंतर संचालित किए जा रहे हैं तथा संबंधित विभागों के समन्वय से बच्चों के पुनर्वास, विद्यालयी नामांकन एवं पात्र परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से आच्छादित करने की कार्यवाही भी सतत रूप से की जा रही है

 

रिपोर्ट – अलीम हाशमी

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