शिकागो, अमेरिका
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अमेरिका के शिकागो शहर में वरिष्ठ शिक्षाविद एवं सेवानिवृत्त जीव विज्ञान प्रवक्ता मास्टर उदयभान सिंह ने योगाभ्यास कर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर उन्होंने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने की एक संपूर्ण जीवन पद्धति है। नियमित योग करने से व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से मजबूत और तनावमुक्त रहता है। मास्टर उदयभान सिंह इन दिनों अपने पुत्र अजीत सिंह से मिलने के लिए अमेरिका के शिकागो में प्रवास पर हैं।
योग दिवस के अवसर पर उन्होंने वहां योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास किया तथा लोगों को योग के लाभों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा आज पूरी दुनिया में स्वास्थ्य और शांति का संदेश पहुंचा रही है, जो प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। मास्टर उदयभान सिंह स्वर्गीय सूरजमल के पुत्र हैं। उनका मूल निवास ग्राम मवीकलां है तथा वर्तमान में वह 2सी-128, इन्द्रा भवन, आवास विकास कॉलोनी, बड़ौत में निवास करते हैं। उनकी माता का नाम इन्द्रावती है।

मास्टर उदयभान सिंह का जन्म 30 मई वर्ष 1946 को हुआ। उन्होंने वर्ष 1966 में आगरा विश्वविद्यालय से बीएससी (बायोलॉजी) की शिक्षा प्राप्त की। शिक्षा पूरी करने के बाद 10 जुलाई वर्ष 1966 को उनकी नियुक्ति शीलचन्द इंटर कॉलेज, अमीनगर सराय में शिक्षक पद पर हुई। इसके बाद वर्ष 1967 में कमाला जूड इंटर कॉलेज में नियुक्त होकर वहां विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की।
उन्होंने जुलाई वर्ष 1968 में दिगम्बर जैन डिग्री कॉलेज, बड़ौत से बीएड की उपाधि प्राप्त की। इसके पश्चात जुलाई वर्ष 1969 में बीपी इंटर कॉलेज, बिजवाड़ा में उनकी स्थायी नियुक्ति हुई। यहां उन्होंने जीव विज्ञान विषय का अध्यापन अत्यंत निष्ठा, समर्पण और मेहनत के साथ किया। उनकी शिक्षण शैली इतनी प्रभावशाली थी कि उनके विषय में कभी कोई छात्र असफल नहीं हुआ।
शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के बाद वह वर्ष 2008 में सेवानिवृत्त हुए। मास्टर उदयभान सिंह का परिवार भी शिक्षा, समाजसेवा और व्यवसाय के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें दो पुत्र और दो पुत्रियां शामिल हैं। उनकी बड़ी पुत्री ने एमए हिन्दी एवं एमए सोशियोलॉजी की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में अमेरिका में स्थायी रूप से निवास कर रही हैं।
उनके दूसरे नंबर के पुत्र अजीत सिंह भी अमेरिका में स्थायी रूप से रह रहे हैं और वे इंडियन अमेरिकन बिजनेस काउंसिल के चेयरमैन होने के साथ-साथ एक प्रमुख समाजसेवी के रूप में भी जाने जाते हैं। तीसरे नंबर पर उनकी पुत्री राकेश हैं, जो अमेरिका में ही स्थायी रूप से रह रही हैं। सबसे छोटे पुत्र मनजीत सिंह ने एमसीए किया है और वह मेरठ में रहकर प्रॉपर्टी व्यवसाय से जुड़े हैं तथा बड़ौत-बागपत स्थित सागर होटल एवं मैरिज होम का संचालन और देखरेख भी करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर शिकागो में योग कर मास्टर उदयभान सिंह ने यह संदेश दिया कि स्वस्थ और सुखी जीवन के लिए योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना समय की आवश्यकता है। उनका मानना है कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे अपनाकर व्यक्ति निरोग, ऊर्जावान और सकारात्मक जीवन जी सकता है।










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