जौनपुर
कभी अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई में अग्रिम पंक्ति में खड़े रहने वाले एक जांबाज सिपाही को आज अपने ही घर में हुई चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यह मामला पुलिस व्यवस्था की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के ख्वाजादोस्त (भोराजीपुर) निवासी रामलखन यादव पुलिस विभाग में सिपाही पद पर तैनात रहे हैं। सेवा काल के दौरान वह कुख्यात अपराधी प्रकाश पाक्या, बालू केवट समेत कई चर्चित अपराधियों के खिलाफ चलाए गए अभियानों और पुलिस मुठभेड़ों में शामिल रहे। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पहचान रखने वाले रामलखन यादव आज खुद न्याय की आस में भटकने को मजबूर हैं।
पीड़ित रामलखन यादव द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार 10 जून की रात अज्ञात चोरों ने उनके बंद मकान का ताला तोड़कर लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात तथा 20 हजार रुपये नकद पर हाथ साफ कर दिया।
घटना की जानकारी 11 जून को नगर कोतवाली पुलिस को लिखित रूप से दी गई, लेकिन आरोप है कि अब तक न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई की गई। चोरी गए सामान में सोने का झाला, टप्स, मंगलसूत्र, अंगूठियां, मांगटीका, नथिया, चांदी के सिक्के, पायल, चांदी का गिलास, करधन समेत अन्य कीमती आभूषण शामिल हैं।
पीड़ित का कहना है कि थाना स्तर पर सुनवाई न होने के कारण उन्हें पुलिस अधीक्षक कार्यालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। मामला पुलिस महकमे में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक पूर्व पुलिसकर्मी को अपनी शिकायत पर कार्रवाई के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, तो आम नागरिकों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
अब सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि वर्षों तक अपराधियों के खिलाफ मोर्चा संभालने वाले इस पूर्व सिपाही को न्याय दिलाने में पुलिस कितनी तत्परता और संवेदनशीलता दिखाती है।











Users Today : 41
Users This Year : 17082
Total Users : 29675
Views Today : 87
Total views : 58812