वाराणसी बनारस बार एसोसिएशन और पुलिस के बीच चल रहे विवाद ने अब अदालत की चौखट खटखटा दी है। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राघवेंद्र नारायण दुबे द्वारा दर्ज कराए गए वाद पर सुनवाई 16 अक्टूबर को होगी। इसमें एडीसीपी नीतू कादयान, एसीपी नितिन तनेजा, एसीपी विदुष सक्सेना, कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा समेत 50 दारोगा और 50 सिपाहियों को पक्षकार बनाया गया है।
वाद में कहा गया है कि 16 सितंबर को कैंट क्षेत्र में एक दरोगा और वकीलों के बीच हुए विवाद के बाद हालात बिगड़ गए। आरोप है कि कैंट इंस्पेक्टर और कचहरी चौकी इंचार्ज ने गेट संख्या-2 पर ताला जड़ दिया और वकीलों पर पथराव किया।
इतना ही नहीं, मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर भी अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों का अपमान करने और अपशब्द कहने का गंभीर आरोप लगा है।
उपाध्यक्ष राघवेंद्र नारायण दुबे ने अदालत में कहा कि पुलिसकर्मियों का यह रवैया न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है, जिसे किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने मामले पर सोमवार को सुनवाई की और अगली तारीख 16 अक्टूबर 2025 तय कर दी है। अब देखना होगा कि पुलिस-अधिवक्ता टकराव का यह मामला किस दिशा में जाता है।










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