जौनपुर की होनहार बेटी ने रचा इतिहास, सुष्मिता सिंह बनीं आईएएस अधिकारी पूरे जिले में खुशी की लहर

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जौनपुर

कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो गांव की छोटी गलियों से निकलकर भी देश के सबसे बड़े मुकाम तक पहुंचा जा सकता है। जौनपुर जनपद की होनहार बेटी सुष्मिता सिंह ने इस कहावत को सच साबित कर दिया है। जिले के रामपुर विकासखंड अंतर्गत सुरेरी थाना क्षेत्र के ग्राम पृथ्वीपुर की प्रतिभाशाली बिटिया सुष्मिता सिंह ने आईएएस अधिकारी बनकर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जौनपुर जिले का नाम देशभर में रोशन कर दिया है।

जैसे ही गांव में यह खबर पहुंची कि पृथ्वीपुर की बेटी अब भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी बन गई हैं। पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। गांव की गलियों में बधाइयों का तांता लग गया और हर किसी की जुबान पर सिर्फ एक ही नाम था। हमारी बिटिया सुष्मिता सिंह।

सुष्मिता सिंह के पिता भानु प्रताप सिंह और माता इंद्रावती सिंह की आंखों में अपनी बेटी की सफलता देखकर खुशी के आंसू छलक पड़े। परिवार ने बताया कि सुष्मिता शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी और मेहनती थीं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा छत्तीसगढ़ से प्राप्त की तथा देहरादून से उच्च शिक्षा हासिल करते हुए आईएएस बनने का सपना पूरा किया।

बताया जा रहा है। कि सुष्मिता सिंह वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ के रायपुर में डीएफओ पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। और अब आईएएस अधिकारी बनकर पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।

गांव पृथ्वीपुर में लोगों ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। क्षेत्रीय ग्रामीणों, सामाजिक लोगों और जनप्रतिनिधियों ने सुष्मिता सिंह से मिलकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कल्लू सिंह, पूर्व प्रधान बच्चन सिंह, कपिल देव सिंह सहित तमाम गणमान्य लोगों ने कहा कि गांव की बेटी ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती।

आज जौनपुर की धरती गर्व से मुस्कुरा रही है।

क्योंकि गांव की एक बेटी ने अपने संघर्ष, मेहनत और लगन से पूरे जिले का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

सुष्मिता सिंह की यह सफलता सिर्फ एक परिवार की जीत नहीं, बल्कि उन लाखों बेटियों के सपनों की जीत है। जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने हौसलों से इतिहास लिखने का साहस रखती हैं।

 

रिपोर्टर : सुरेश कुमार शर्मा

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