मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य कर विभाग को राजस्व वृद्धि के साथ विश्वास आधारित प्रशासन का मॉडल प्रस्तुत करना होगा। ईमानदार व्यापारियों को सुविधा, सम्मान और त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा जीएसटी पंजीयन, रिटर्न दाखिले, अपील निस्तारण एवं रिफंड प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब समाप्त हो।
मुख्यमंत्री ने जोनवार अधिकारियों से सीधा संवाद कर कार्य प्रदर्शन की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं फील्ड में उतरकर व्यापारियों से संवाद करें तथा कम प्रदर्शन वाले जोन के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश को जीएसटी एवं वैट मद में ₹1,15,977 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। जीएसटी बकाया के रूप में ₹2,658 करोड़ तथा प्रवर्तन इकाइयों के माध्यम से ₹2,071 करोड़ की वसूली की गई। साथ ही, उत्तर प्रदेश 21.82 लाख सक्रिय करदाताओं के साथ देश में सर्वाध









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