चन्दौली
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने जनपद के किसानों को सूचित किया है कि खरीफ फसलों के लिए प्रमाणित, उन्नतशील और गुणवत्तापूर्ण बीज सभी राजकीय कृषि भंडारों पर उपलब्ध हैं। किसान इन बीजों को 50 प्रतिशत अनुदान पर प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही, जिले में उर्वरकों की भी पर्याप्त उपलब्धता है।
वर्तमान में, राजकीय कृषि भंडारों पर डेंचा और धान की विभिन्न प्रजातियाँ जैसे MTU-7029 (नाटी मंसूरी), HUR-917 (मालवीय सुगंधा) और शियाट्स-4 उपलब्ध हैं। किसान अपनी आवश्यकतानुसार www.agriculture.up.gov.in पोर्टल पर बुकिंग कराकर बीज प्राप्त कर सकते हैं।
जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। आज की तिथि में 14996 मीट्रिक टन यूरिया, 4008 मीट्रिक टन डीएपी, 405 मीट्रिक टन एमओपी, 3964 मीट्रिक टन एनपीके और 11545 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है। किसानों से आग्रह किया गया है कि वे खुदरा बिक्री केंद्रों से अपनी वर्तमान में बोई गई फसलों के लिए ही उर्वरक खरीदें। प्रति हेक्टेयर 7 बोरी यूरिया और 5 बोरी डीएपी अनुमन्य है।
भूमि की उपजाऊ क्षमता बनाए रखने, खेती की लागत कम करने और पैदावार बढ़ाने के लिए उर्वरकों का संतुलित प्रयोग अनिवार्य है। अक्सर किसान जानकारी के अभाव में अधिक उर्वरकों का प्रयोग कर लेते हैं, जिससे उत्पादन लागत बढ़ती है और मिट्टी के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
संतुलित उर्वरक प्रयोग से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति के साथ-साथ फसल की गुणवत्ता में भी सुधार होता है और पौधों में रोगों से लड़ने की क्षमता विकसित होती है। इसलिए, सभी किसानों को अपनी मिट्टी का परीक्षण कराने और उसकी संस्तुति के अनुसार ही खेतों में उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह दी गई है।









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