वाराणसी में ‘नारी शक्ति’ का विस्फोट: सड़कों पर उतरीं महिलाएं, राहुल-अखिलेश के पुतले फूंके

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वाराणसी। नारी शक्ति वंदन बिल के समर्थन में गुरुवार को लहुराबीर क्षेत्र सियासी गर्मी से तपता नजर आया, जब आजाद पार्क से आर्य महिला कॉलेज तक महिलाओं की विशाल जनाक्रोश रैली निकाली गई। सैकड़ों महिलाओं ने हाथों में तिरंगा और विरोधी पोस्टर लेकर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और अंत में दोनों नेताओं के पुतलों का दहन कर तीखा विरोध दर्ज कराया।

रैली की शुरुआत आजाद पार्क से हुई, जहां “नारी का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान”, “राहुल गांधी मुर्दाबाद” और “अखिलेश यादव मुर्दाबाद” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। प्रदर्शनकारी महिलाएं पैदल मार्च करते हुए आर्य महिला कॉलेज तक पहुंचीं और फिर वापस आजाद पार्क लौटकर विरोध प्रदर्शन का समापन किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौकस रही और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

रैली की संयोजिका पूजा दीक्षित ने कहा कि नारी सम्मान के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता महिलाओं के अधिकारों की बात तो करते हैं, लेकिन उनके बयान और नीतियां इसके विपरीत हैं। “ऐसे नेताओं के खिलाफ यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा, जब तक हर महिला को उसका सम्मान नहीं मिल जाता,” उन्होंने दो टूक कहा।

पूजा दीक्षित ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नारी शक्ति वंदन बिल को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए इसके शीघ्र लागू करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इस बिल के रास्ते में बाधा बन रहे हैं या महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे हैं, उन्हें जनता जवाब देगी।

रैली में नेहा कक्कड़, विभव सिंह, सुरेखा सिंह, ममता सिंह, सुनीता सिंह, संगीता मिश्रा, शिवानी सिंह, ज्योति गुप्ता, साधना सिंह, रचना अग्रवाल, अनीशा शाही, सरिका गुप्ता, उषा अग्रहरि, किरण पांडेय, करुणा चतुर्वेदी, अदिति सिंह, कीर्ति शर्मा, अंजू शर्मा सहित दर्जनों महिला कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, आजाद पार्क में विरोध प्रदर्शन पहले भी होते रहे हैं, लेकिन इस बार पूरी तरह महिलाओं द्वारा नेतृत्व किए गए इस आंदोलन ने इलाके में खास चर्चा पैदा कर दी है। रैली के जरिए साफ संदेश दिया गया कि अब महिलाएं अपने सम्मान के मुद्दे पर चुप नहीं रहेंगी और किसी भी कीमत पर अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगी।

गौरतलब है कि नारी शक्ति वंदन बिल महिलाओं को संसद और महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा देगा।

 

 

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

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