वाराणसी। – करखियांव स्थित Amul प्लांट में उस समय हड़कंप मच गया, जब सैकड़ों मजदूरों ने आर्थिक शोषण और मनमानी कार्यप्रणाली के खिलाफ मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुस्साए मजदूरों ने प्लांट के गेट पर धरना देते हुए दूध से लदी गाड़ियों का आवागमन पूरी तरह रोक दिया, जिससे प्लांट का संचालन ठप हो गया।
मजदूरों का आरोप है कि कंपनी उनसे पूरे महीने बिना छुट्टी दिए लगातार काम कराती है और विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। उनका कहना है कि नियुक्ति के समय दो साल में वेतन बढ़ाने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक उसे पूरा नहीं किया गया।
महिला मजदूरों ने भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनसे पुरुषों के बराबर काम लिया जाता है, लेकिन मजदूरी कम दी जाती है और किसी प्रकार की छुट्टी की सुविधा भी नहीं है।
स्थिति बिगड़ती देख मौके पर पहुंचे एडीसीपी गोमती जोन नृपेन्द्र कुमार और इंस्पेक्टर फूलपुर अतुल कुमार सिंह ने पुलिस बल के साथ मजदूरों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित मजदूर नहीं माने। बाद में प्लांट मैनेजर आलोक मणि त्रिपाठी और ठेकेदार के सुपरवाइजर विनोद दुबे भी मौके पर पहुंचे, लेकिन मजदूरों के विरोध के आगे उनकी एक नहीं चली।
आखिरकार शाम करीब 6:30 बजे गुजरात से ठेकेदार के आने के बाद वार्ता के जरिए समाधान का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद मजदूरों ने धरना समाप्त करने की सहमति जताई।
प्रदर्शन के दौरान पूरे दिन प्लांट का कार्य बाधित रहा और हालात को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई है।









Users Today : 1
Users This Year : 15568
Total Users : 28161
Views Today : 1
Total views : 55909