डीजीपी की ओर से जारी सर्कुलर में अभियोजन विभाग की ओर से भेजे गए उन मामलों की सूची भी जोड़ी गई है, जिसमें सीधे FIR दर्ज नहीं की जा सकती है। इनमें महिलाओं से घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, चेक बाउंस, भ्रूण हत्या, जानवरों से अत्याचार, पर्यावरण और प्रदूषण से जुड़े मामले शामिल हैं।
इनके अलावा उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी और खाने में मिलावट के मामलों में उपभोक्ता फोरम या FSSAI के पास जाना होगा।
इसकी FIR पुलिस दर्ज नहीं करेगी। बाल श्रम, वायु प्रदूषण, विदेश से माल लाने-भेजने, ट्रेड मार्क,
मानव अंग तस्करी, कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न, जल प्रदूषण, केबल टेलीविजन नेटवर्क, विदेशी मुद्रा प्रबंधन,
कीटनाशक दवाओं को नियंत्रित करने के मामले में भी सीधे FIR नहीं होगी। इसके लिए संबंधित विभाग में पहले शिकायत दर्ज करानी होगी।











Users Today : 134
Users This Year : 23925
Total Users : 36518
Views Today : 291
Total views : 71788