गुना (मध्य प्रदेश) जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। नेशनल हाईवे-46 पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक कार से करीब 1 करोड़ रुपये हवाला की नकदी बरामद की, लेकिन आरोप है कि 20 लाख रुपये की रिश्वत लेकर वाहन को छोड़ दिया गया।
मामले के उजागर होते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी को पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भेज दिया। साथ ही मामले में लापरवाही और संदिग्ध भूमिका के चलते चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
घटना गुरुवार-शुक्रवार की रात धरनावदा थाना क्षेत्र की रुठियाई चौकी के पास हुई, जहां चेकिंग के दौरान कार से भारी नकदी मिली। आरोप है कि करीब एक घंटे तक सौदेबाजी चली और अंततः 20 लाख रुपये लेकर वाहन को छोड़ दिया गया।
शनिवार को गुजरात में तैनात एक आईपीएस अधिकारी के फोन के बाद मामला खुला। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने रिश्वत की रकम लौटा दी, लेकिन तब तक मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच चुका था और जांच शुरू हो गई।
जांच के लिए ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर थाना प्रभारी प्रभात कटारे, चौकी प्रभारी साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिकरवार और आरक्षक सुंदर रमन को निलंबित कर दिया गया। मामले की विस्तृत जांच एसडीओपी आयुष जाखड़ को सौंपी गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले सिवनी जिले में भी इसी तरह का हवाला कांड सामने आ चुका है, जिससे पुलिस व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला










Users Today : 81
Users This Year : 23692
Total Users : 36285
Views Today : 156
Total views : 71259