‘लेडी सिंघम’ का वार: 60 मिनट में हत्यारे गिरफ्तार, एडीसीपी नीतू कादयान का रौद्र रूप देख कांपे अपराधी

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वाराणसी।

यूपी कॉलेज में हुए सनसनीखेज हत्याकांड के बाद जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वो है वरुणा जोन की एडीसीपी नीतू कादयान — जिनका ‘सिंघम अवतार’ अपराधियों पर कहर बनकर टूटा। गोलियों की गूंज से दहले कैंपस में जब अफरा-तफरी मची थी, तब एक सख्त, आत्मविश्वासी और निर्णायक नेतृत्व सामने आया — और उसी ने हालात को काबू में कर दिया।

प्रिंसिपल के सामने बरसी गोलियां, दहशत में बदल गया कैंपस

शुक्रवार सुबह शिवपुर स्थित उदय प्रताप कॉलेज में दो छात्र गुटों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने की कोशिश चल रही थी। प्रिंसिपल धर्मेंद्र सिंह के सामने ही अचानक हालात बिगड़े और आरोपी मंजीत चौहान ने अपने साथी अनुज के साथ मिलकर बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र सूर्य प्रताप सिंह उर्फ सूर्या पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

चार गोलियां लगने के बाद सूर्या गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा और ट्रामा सेंटर में उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपी हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए — और कॉलेज रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।

“पाताल से भी निकाल लेंगे…” — लेडी सिंघम की हुंकार

घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचीं एडीसीपी नीतू कादयान। उग्र भीड़, मीडिया का दबाव और बिगड़ते हालात — लेकिन उनके तेवर बिल्कुल साफ और सख्त थे।

उन्होंने वहीं ऐलान किया:

“अपराधी चाहे कहीं भी छिपे हों, एक घंटे के भीतर गिरफ्तार होंगे।”

उनकी इस हुंकार ने न सिर्फ माहौल शांत किया, बल्कि पूरी पुलिस फोर्स को बिजली की रफ्तार से एक्टिव कर दिया।

रणनीति, घेराबंदी और सटीक एक्शन

एडीसीपी कादयान के नेतृत्व में शहर की तुरंत घेराबंदी कराई गई। स्पेशल टीमों को अलग-अलग दिशाओं में लगाया गया, इंटेलिजेंस को एक्टिव किया गया और हर संभावित ठिकाने पर दबिश शुरू हो गई।

नतीजा — सिर्फ 60 मिनट के भीतर ही मुख्य आरोपी पुलिस कि गिरफ्त में थे*

वादे से एक्शन तक — भरोसे का नाम बनीं नीतू कादयान

जिस तेजी और सटीकता से इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया, उसने एक बार फिर साबित कर दिया कि एडीसीपी नीतू कादयान सिर्फ नाम की नहीं, काम की ‘लेडी सिंघम’ हैं।

* मौके पर तुरंत पहुंचना

* भीड़ को नियंत्रित करना

* खुला चैलेंज देना

* और तय समय में अपराधियों को पकड़ना

यह पूरा ऑपरेशन उनकी लीडरशिप का जीता-जागता उदाहरण बन गया।

शहर में सख्ती, कैंपस में पीएसी तैनात

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे। भोजूबीर बाजार को एहतियातन बंद कराया गया और कॉलेज परिसर में पीएसी तैनात कर दी गई है।

क्यों चर्चा में हैं ‘लेडी सिंघम’?

एडीसीपी नीतू कादयान का यह एक्शन सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं था —
यह था:

* अपराधियों को खुली चुनौती

* जनता को भरोसा

* और सिस्टम की ताकत का प्रदर्शन

यही वजह है कि वाराणसी में हर जुबान पर एक ही नाम है —

 

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

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