अम्बेडकर नगर जिले के विकास खंड जहांगीरगंज अन्तर्गत बीआरसी कार्यालय देवरिया बुजुर्ग में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी संतोष पांडेय पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठी है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि करीब तीन वर्षों से एक ही स्थान पर जमे खंड शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध लगातार शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन निष्पक्ष जांच के बजाय वही अधिकारी स्वयं ही शिकायतों की जांच कर मनमाने तरीके से उनका निस्तारण कर रहे हैं।
बताया गया कि मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर दर्ज शिकायत संख्या 40017826004371, 40017826004421, 40017826004426, 40017826004430, 40017826004538, 40017826004539, 40017826004815, 40017826004816 और 40017826004191 की सुनवाई 11 फरवरी 2026 को प्रस्तावित है।

आरोप है कि इन शिकायतों की जांच के लिए किसी स्वतंत्र अधिकारी को नियुक्त करने के बजाय स्वयं खंड शिक्षा अधिकारी संतोष पांडेय ही विवेचक बनकर बीआरसी कार्यालय में बैठकर अपनी ही शिकायतों का निस्तारण कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध बताते हुए न्याय व्यवस्था का खुला मजाक करार दिया है।
प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि पूर्व में मिड डे मील (एमडीएम) खातों की जांच में अनियमितताएं सामने आई थीं, लेकिन इसके बावजूद न तो किसी प्रकार की कार्रवाई की गई और न ही जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई। इससे पूरे प्रकरण को दबाने की आशंका जताई जा रही है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि स्थानांतरण नीति के बावजूद खंड शिक्षा अधिकारी करीब तीन वर्षों से एक ही विकास खंड में तैनात हैं। इसके अलावा सेवा अभिलेखों में कूटरचना, एक ही अवधि में दो संस्थानों से संबद्धता दर्शाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
यह भी आरोप है कि प्राथमिक विद्यालयों, उच्च प्राथमिक विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में अनियमितताओं की शिकायत करने पर शिकायतकर्ताओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
बीआरसी कार्यालय में सुनवाई के दौरान अभद्र व्यवहार और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने की शिकायत भी की गई है। आरोप है कि बीआरसी कर्मचारियों के साथ मिलकर मनगढ़ंत और फर्जी निस्तारण तैयार कर शिकायतों को दबाने का प्रयास किया जाता है।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री, अपर मुख्य सचिव शिक्षा, महानिदेशक स्कूल शिक्षा और अपर शिक्षा निदेशक को प्रेषित प्रार्थना पत्र में पूरे प्रकरण की जांच शिक्षा विभाग से बाहर की किसी स्वतंत्र एजेंसी या आलापुर उपजिलाधिकारी जैसे सक्षम अधिकारी से कराने की मांग की है।
साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से अन्यत्र स्थानांतरित करने की भी मांग की गई है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विभाग में यदि इस प्रकार की अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो आम जनता का प्रशासन से विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने मामले में त्रिस्तरीय जांच समिति गठित कर निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
रिपोर्ट – पंकज कुमार










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