“संजय ने सुनाई विकास की कहानी: पेट्रोल-डीजल और गैस की रफ्तार से बढ़ रहा विकास”

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धृ’तराष्ट्र:  संजय सुना है देश में तीव्र गति से विकास हो रहा है। सभी वस्तुओं पर विकास का असर है। नर,नारी खेत क्यारी सब अति प्रसन्न हैं। सब खिलखिला रहे हैं।

संजय : जी महाराज आपने सुना तो सही है,मगर शब्दों में तनिक त्रुटि है। वी,काशss…होकर रह गया है। लोग प्रसन्न की जगह सन्न हैं। सबपर असर की जगह कहर है। लोग खिलखिला नहीं खिजला रहे हैं ।

धृ’तराष्ट्र :खामोश…! सं’जय, लगता है तुम आजकल वा’मपंथियों के सानिध्य में रहते हो, अपनी दिव्यदृष्टि का इस्तेमाल करने की बजाय एनडीटीबी जैसी बात करते हो। मैं खबरदार करता हूं,अपनी दिव्यदृष्टि को आज़माओ विकास का आंखों देखा हाल बताओ। थोड़ा नैरु की कमियां भी सामने लाओ। तुम्हें कसम है करमजले अर्णभ की।

सं’जय : महाराज का आदेश सिर आंखों पर। अहा हा…क्या गजब का विकास चल रहा महाराज चारों तरफ विकास की धूम मची हुई है। पेट्रोल अर्रा फार विकास के रास्ते पर भाग रहा है। पीछे-पीछे डीजल भी चांपो चांप विकास को दौड़ाया है। गैस जो कुछ दिन पहले तक विकास के रास्ते पर सोया था। अब वह जाग चुका आठ सौ पचास की रफ्तार से विकास की दौड़ में भाग चुका है।

धृ’तराष्ट्र : वाह, वाह…वाह, वाह। सं’जय यह तो ईंधन तेलों ने खूब विकास कर लिया। थोड़ा परिवहन के साधनों के विकास पर प्रकाश डालो। और हां खाद्य तेलों के विकास के आंकड़े भी निकालो।

सं’जय: महाराज परिवहन के साधन तो कमाल का विकास कर रहे हैं। जो सामान्य लौहपथ गामिनी (ट्रेनें) थीं। अब वही सब स्पेशल हो गयीं हैं। उन सब के किराए का दोगुना विकास हुआ है। खाद्य तेलों की बात क्या बताऊँ महाराज सरसो का तेल तो इतना विकास किया है कि अब जनता के शरीर से भी निकल रहा है। जो विकास फलाने जी के कार्यकाल में सरसों तेल का हुआ है। उसका आधा भी नैरु जी के कार्यकाल में नहीं हो पाया है। वह दिन दूर नहीं महाराज जब तेल में ‘पकौड़े तलने’ वाले फोर्ब्स पत्रिका में आएंगे।
जो सिर पर सरसो का तेल रखेगा ‘तेल ए सुल्तान’ पुरस्कार से नवाजा जाएगा। काजू बादाम के तेलों को ना’लायक माना जायेगा।

धृ’तराष्ट्र : विकास की इस रफ़्तार पर तो कौन फ़िदा नहीं होना चाहेगा। मगर सं’जय तुमने नैरुजी की कोई कमी नहीं बताई !

सं’जय: महाराज नैरुजी की आत्मा जलनखोरी पर उतर आई है। सरदारजी का नाम मिटाकर एक क्रीड़ामैदान (स्टेडियम) का नाम पेंसिल से ‘फलाने जी स्टेडियम’ करने की गुस्ताखी दिखाई है।

धृ’तराष्ट्र : मिलेगी बरब्बर मिलेगी इस गुस्ताखी की सजा नैरु जी को कठोर सजा मिलेगी।
सं’जय तत्काल नैरुजी को ‘म’न की बात’ वाली अब तक की सभी रिकार्डिंग सुनाई जाय।

 

रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला

 

 

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