​ मानवाधिकार की आड़ में गुंडागर्दी: फारुख शाह पर एक और शिकंजा, पीड़ित ने दोबारा पुलिस को सौंपा प्रार्थना पत्र

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सोनभद्र (ब्यूरो)। मानवाधिकारों के संरक्षण का दावा करने वाले जब खुद कानून को ठेंगे पर रखने लगें, तो समाज में असुरक्षा का माहौल पैदा होना स्वाभाविक है। ऐसा ही एक मामला जनपद के कर्मा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ समग्र मानवाधिकार एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष फारुख शाह और उनके परिजनों पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगे हैं।

​ क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम करकी पापी निवासी हैदर अली ने कर्मा थाना प्रभारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि बीते 10 फरवरी को जब वह घर पर मौजूद नहीं था, तब विपक्षी फारुख हुसैन (शाह) और अख्तरी ने उसके घर पर धावा बोल दिया। विपक्षियों ने पीड़ित की वृद्ध माँ के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मारपीट की और चेतावनी दी कि यदि इस घटना की सूचना कहीं दी, तो उसे और उसके बेटों को जान से मार दिया जाएगा।

​ रास्ते में घेरकर दी सुलह न करने पर धमकी

शिकायत में यह भी उल्लेख है कि उसी दिन रात करीब 8:00 बजे फारुख हुसैन ने हैदर अली को रास्ते में रोक लिया। आरोपी ने पूर्व में दर्ज मुकदमे (मु०अ०सं० 0007/2026) के संदर्भ में दबाव बनाते हुए कहा कि यदि सुलह नहीं की, तो अंजाम बुरा होगा। पीड़ित का दावा है कि उसके पास इस धमकी की मोबाइल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है।

​ कानूनी शिकंजे में ‘फर्जी रक्षक’

बता दें कि फारुख शाह पर पहले ही एक ठेकेदार को सरेआम धमकाने और गाली-गलौज करने के आरोप में BNS की धारा 352 और 351(2) के तहत एफआईआर दर्ज हो चुकी है। अब दोबारा घर में घुसकर मारपीट और धमकी देने का मामला सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी संगठन का पद कानून से ऊपर नहीं है और गुंडागर्दी करने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।

 

रिपोर्ट जगदीश शुक्ला

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