चंन्दौली बबुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत पांडेयपुर मार्केट में रविवार को अवैध कब्जा हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। मौके पर पहुंचे अधिकारियों को ग्रामीणों ने घेर लिया और कड़ी आपत्ति जताते हुए वापस खदेड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय किसी के इशारे पर एकपक्षीय कार्रवाई कर रहा है, जो स्वीकार्य नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि पर प्रशासन कार्रवाई करने पहुंचा, वहां भूमि धरी के सामने नाला स्थित है। आरोप लगाया गया कि इसी नाले पर पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा अवैध कब्जा किया गया है, जिसे हटाने के लिए प्रशासन पहुंचा था। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यदि अवैध कब्जा हटाना ही है तो सड़क किनारे और नाले के ऊपर किए गए सभी अवैध कब्जों पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। केवल चुनिंदा लोगों को निशाना बनाना अन्यायपूर्ण है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि नाले पर अवैध कब्जे के कारण गांव में आए दिन जलजमाव की गंभीर समस्या बनी रहती है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे आवागमन बाधित होता है और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि एक तरफ सरकार लगातार सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा न करने की अपील करती है, वहीं दूसरी तरफ कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा नाले पर कब्जा कर लिया गया है, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि प्रशासन की कार्रवाई गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों तक ही सीमित रहती है, जबकि प्रभावशाली और राजनीतिक रसूख रखने वालों पर हाथ डालने से बचा जाता है। इसी भेदभाव के विरोध में ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और मौके पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
इस पूरे मामले में उपजिलाधिकारी अनुपम मिश्रा ने बताया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। जहां-जहां सड़क निर्माण में समस्या उत्पन्न हो रही है, वहां की जमीन को खाली कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है। हालांकि ग्रामीणों ने एसडीएम के इस बयान से असहमति जताते हुए निष्पक्ष जांच और समान कार्रवाई की मांग की है।











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