वृंदावन के मां कालरात्रि पीठाधीश्वर और कथावाचक संत अखिलदास महाराज ने मेरठ में चल रहे शंकराचार्य विवाद पर अपनी टिप्पणी की है। उन्होंने शंकराचार्य को सरकार से बड़ा बताते हुए सत्ताधारी दल से माफी मांगने की मांग की।
अखिलदास महाराज रोहटा रोड पर भागवत कथा कर रहे थे, जहां उन्होंने यह बयान दिया। संत अखिलदास ने प्रयागराज की स्थिति पर चिंता व्यक्त की, जहां गंगा सभी के लिए सुरक्षित मानी जाती है। उन्होंने कहा कि वहां संतों का अपमान हो रहा है, जबकि संत ही गद्दी पर बैठे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिस शासन में संतों का अपमान हो, उस राजा पर उंगली उठना स्वाभाविक है और किसी को इतना निरंकुश नहीं होना चाहिए।उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जहां एक महात्मा मर्सिडीज गाड़ियों से यात्रा कर रहे थे, वहीं शंकराचार्य पालकी में जा रहे थे और उनकी पालकी रोकी गई।
अखिलदास महाराज ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें फोन किया था, जिसे उन्होंने अपनी कथा का प्रभाव बताया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद उन्हें अपना बड़ा भाई मानते हैं।अखिलदास महाराज ने अखिलेश यादव की प्रशंसा करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बात को समझा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भले ही उत्तर प्रदेश के हों, लेकिन उनकी पीठ के मंत्री कोई और हैं। अखिलदास महाराज ने संतत्व की गरिमा को नष्ट न करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कलयुग का इतना प्रभाव नहीं होना चाहिए कि लोगों का भाव ही मिटने लगे। उन्होंने वीआईपी संस्कृति की आलोचना करते हुए कहा कि जब तक यह खत्म नहीं होगी, तब तक न तीर्थों में ठीक से रहा जा सकेगा और न ही मंदिरों में ठीक से जाया जा सकेगा।
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला











Users Today : 92
Users This Year : 17405
Total Users : 29998
Views Today : 195
Total views : 59475