वाराणसी। भारतीय आध्यात्मिक चेतना, राष्ट्रबोध और युवा शक्ति के महान प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती की पूर्व संध्या पर 11 जनवरी 2026 को वाराणसी के नदेसर स्थित स्वामी विवेकानंद स्मारक पर भव्य महाआरती का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के राष्ट्रनिर्माणकारी विचारों, मानवता के प्रति उनके दृष्टिकोण तथा युवा चेतना को जाग्रत करने वाले संदेशों को स्मरण करना एवं समाज में उनके व्यापक प्रचार-प्रसार को सशक्त करना रहा।
इस प्रेरणास्पद आयोजन का आयोजन सेवाज्ञ संस्थानम् द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संत गोविन्द दास शास्त्री जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति की आत्मा को विश्वपटल पर प्रतिष्ठित किया और युवाओं को आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण तथा राष्ट्रसेवा का मार्ग दिखाया। उनके विचार भी समाज को कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करने, आत्मबल को पहचानने और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देते हैं।
संत गोविन्द दास शास्त्री ने आगे कहा कि की युवा पीढ़ी को स्वामी विवेकानंद के जीवन, तपस्या और संदेशों से प्रेरणा लेकर सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में कार्य करना चाहिए। उनके विचार केवल प्रेरणासूत्र नहीं, बल्कि एक सशक्त जीवन-दर्शन हैं, जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर, कर्मठ और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी बनाते हैं।
कार्यक्रम स्थल को विशेष रूप से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को पुष्पमालाओं और पुष्प-वर्षा से भव्य रूप प्रदान किया गया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। महाआरती के उपरांत दीप प्रज्वलन किया गया तथा स्वामी विवेकानंद के जीवन, दर्शन और उनके ऐतिहासिक योगदान पर आधारित प्रेरणादायक चर्चा आयोजित की गई, जिसने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया।
इस अवसर पर संत गोविन्द दास शास्त्री के साथ प्रकाश (मंत्री, खादी ग्रामोद्योग), राजेंद्र यादव (पार्षद), डॉ. शिवेंद्र जी (प्रवक्ता), डॉ. अभिषेक मिश्र, विवेक सहित अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने एक स्वर में स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करने और उन्हें जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र, समाज और युवा शक्ति के सर्वांगीण उत्थान की कामना के साथ हुआ। आयोजक सेवाज्ञ संस्थानम् द्वारा सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।









Users Today : 58
Users This Year : 24000
Total Users : 36593
Views Today : 158
Total views : 71974