प्रयागराज मंडल की एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर पालिका परिषद बेल्हा, प्रतापगढ़ में तैनात एक लिपिक (टाइपिस्ट) को 87,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी एक शिकायतकर्ता की लिखित शिकायत के आधार पर की गई। एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर आरोपी लिपिक को अधिशासी अधिकारी के कार्यालय स्थित टाइपिस्ट कक्ष से पकड़ा।
शिकायतकर्ता प्रवीण रामपाल सिंह ने 6 जनवरी 2026 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन, प्रयागराज में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। प्रवीण रामपाल सिंह पुत्र रामपाल सिंह निवासी रोही, थाना ऊंज, जनपद भदोही के रहने वाले हैं और वर्तमान में उस्तापुर, थाना झूंसी, प्रयागराज में रहते हैं।
शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी फर्म मेसर्स कैलाश गंगापुरम, प्रयागराज को आवंटित कार्यों को शुरू कराने, कार्य स्थल दिखाने और टेक्निकल स्वीकृति (टीएस) दिलाने के एवज में अधिशासी अधिकारी अभिनव यादव और लिपिक प्रशांत सिंह द्वारा 87,500 रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।
शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद, 9 जनवरी 2026 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की 14 सदस्यीय टीम ने निरीक्षक अंजली यादव के नेतृत्व में एक जाल बिछाया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत, जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी लिपिक प्रशांत सिंह को रिश्वत की रकम दी, टीम ने तत्काल मौके पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी दोपहर लगभग 2 बजकर 13 मिनट पर नगर पालिका परिषद बेल्हा, प्रतापगढ़ के अधिशासी अधिकारी के टाइपिस्ट कक्ष में हुई।
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान प्रशांत सिंह पुत्र स्व. जंग बहादुर सिंह के रूप में हुई है, जो 81 अजीतनगर पड़ाव वार्ड, थाना कोतवाली नगर, जनपद प्रतापगढ़ का निवासी है। वह नगर पालिका परिषद बेल्हा में लिपिक (टाइपिस्ट) के पद पर कार्यरत था। इस मामले में अधिशासी अधिकारी अभिनव यादव पुत्र राजबली यादव को भी नामजद किया गया है, जो वर्तमान में नगर पंचायत ढकवा, प्रतापगढ़ के अधिशासी अधिकारी हैं।
दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली नगर, प्रतापगढ़ में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी










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