वाराणसी
नए साल के पहले दिन काशी और सारनाथ में पर्यटन का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। नववर्ष का स्वागत करने के लिए देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक अपने परिवारों के साथ वाराणसी पहुंचे। गंगा की पावन नगरी काशी के साथ-साथ भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ में सुबह से ही श्रद्धालुओं और सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
सारनाथ में भगवान बुद्ध के दर्शन करने और ऐतिहासिक स्मारकों को निहारने के लिए पर्यटकों का तांता लगा रहा। धर्म, इतिहास और शांति का संगम माने जाने वाले इस स्थल पर लोगों ने न केवल पूजा-अर्चना की, बल्कि संग्रहालय, स्तूप और आसपास के पार्कों में भ्रमण कर नए साल के दिन को यादगार बनाया। पार्कों में परिवारों, बच्चों और युवाओं की मौजूदगी से माहौल पूरी तरह उत्सवमय नजर आया।
पर्यटकों ने बताया कि वे नए वर्ष की शुरुआत आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता के साथ करना चाहते थे, इसलिए काशी और सारनाथ को चुना। एक पर्यटक ने कहा कि भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली पर पहुंचकर उन्हें अद्भुत शांति और सुकून का अनुभव हुआ। वहीं कई परिवारों ने बच्चों के साथ पार्कों में समय बिताकर नए साल की खुशियां मनाईं।
काशी के अन्य प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर भी दिनभर चहल-पहल बनी रही। घाटों, मंदिरों और गलियों में पर्यटकों की आवाजाही ने शहर की रौनक बढ़ा दी। स्थानीय दुकानों, खानपान स्थलों और स्मृति चिह्न बेचने वाले बाजारों में भी अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। नववर्ष के अवसर पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन और पर्यटन विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई थी और पर्यटकों की सुविधा के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए थे, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
नए साल के पहले दिन काशी और सारनाथ में उमड़ी भारी भीड़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से यह शहर देश-विदेश के पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है।
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला










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