रायबरेली में कोडीन सिरप के अवैध इस्तेमाल को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है।
ड्रग इंस्पेक्टर शिवेंद्र प्रताप सिंह ने खुलासा किया कि कोडीन सिरप का इस्तेमाल नशे के लिए किया जा रहा था।
रायबरेली की दो अलग-अलग फर्मों ने भारी मात्रा में सिरप मंगवाया था—एक ने करीब 5–6 लाख बोतलें और दूसरी ने डेढ़ लाख बोतलें।
जांच में सामने आया कि इस कोडीन सिरप की सप्लाई बांग्लादेश और बिहार तक की गई।
ड्रग इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पर दोनों फर्मों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।
एक फर्म का संचालक गिरफ्तार हो चुका है, जबकि दो आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।
यह सिरप लखनऊ की दो एजेंसियों से खरीदी गई थी।










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