शासन स्तर से संचालित विभिन्न विशेष अभियानों (निरोधात्मक कार्रवाई, महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, साइबर जागरूकता आदि) की जानकारी कर सभी अभियानों को प्रभावी रूप से संचालित करने हेतु निर्देश दिए गए।
सभी अभियानों को गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने हेतु समस्त प्रभारियों को निर्देशित किया गया।
प्रत्येक थाना प्रभारी को यह निर्देश दिए गए कि लंबित विवेचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध रूप से निस्तारित किया जाए।
विवेचना की गुणवत्ता, साक्ष्य संकलन, कोर्ट कंप्लायंस तथा केस डायरी में समय से प्रविष्टि करने पर विशेष बल देते हुए सतर्कता बरतने के लिए कहा गया।
सी-डैश बोर्ड पर लंबित प्रविष्टियों एवं रिपोर्टों को शीघ्र अद्यतन करते हुए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
सभी प्रभारियों को प्रत्येक सेक्शन की प्रगति प्रतिदिन मॉनिटर करने हेतु निर्देशित किया गया, जिससे किसी भी प्रकरण में अनावश्यक देरी न हो।

वांछित, उद्घोषित तथा एनबीडब्ल्यू अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु विशेष अभियान चलाकर प्रभावी कार्यवाही करने और गिरफ्तारी में शिथिलता पाए जाने पर उत्तरदायित्व निर्धारण हेतु चेतावनी प्रदान की गई।
हाइवे पर होटल एवं ढाबो के पास में अवैध या अनुचित रूप से खड़े डंपरों की पहचान कर उनकी चेकिंग, दस्तावेज सत्यापन और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा यातायात अवरोध व दुर्घटना संभावनाओं को रोकने हेतु विशेष पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
अपराधों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए गुण्डा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट तथा एचएस के विरुद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही बढ़ाने पर बल दिया गया।
एण्टी-रोमियो टीमों के कार्यों की समीक्षा कर यह निर्देशित किया गया कि टीम के सभी सदस्य अपनी जिम्मेदारियों एवं SOP की पूर्ण जानकारी रखें, संबंधित रजिस्टरों को अद्यावधिक रखें तथा स्कूल-कॉलेज व बाजार क्षेत्रों में नियमित तैनाती के साथ महिला सुरक्षा के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करें।
आईजीआरएस असंतुष्ट श्रेणी के उन प्रकरणों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई जिनमें प्रभारियों द्वारा अभी तक आवेदकों से संपर्क नहीं किया गया है। सभी को तत्काल संपर्क स्थापित कर प्रत्येक प्रकरण का फीडबैक लेकर 02 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
सभी उपनिरीक्षकों को बॉडी-वॉर्न कैमरे आवंटित करते हुए इनके अनिवार्य एवं सतत उपयोग, रिकॉर्डिंग के संरक्षण तथा किसी भी चेकिंग/कार्रवाई के दौरान कैमरा चालू रखने के निर्देश दिए गए।
हाईवे थानों को मादक पदार्थ, गौ-तस्करी एवं अन्य अवैध गतिविधियों की रोकथाम हेतु वाहनों की सघन चेकिंग, बैरियर पर कड़ाई, संदिग्ध वाहनों की निगरानी तथा इंटेलिजेंस-आधारित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एनडीपीएस में कठोर कार्रवाई पर भी विशेष जोर दिया गया।
सभी थाना प्रभारियों को प्रतिदिन निर्धारित समय पर थानों में जनसुनवाई अनिवार्य रूप से संचालित करने तथा प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण कर आवेदकों को स्पष्ट एवं सही जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु जन-जागरूकता, त्वरित डिजिटल ट्रेसिंग, तकनीकी साक्ष्यों का संरक्षण तथा गंभीर प्रकरणों में विशेषज्ञ टीम के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं में पीड़ितों से शीघ्र संपर्क कर समयबद्ध व प्रभावी जांच पर विशेष बल दिया गया।

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी











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