सनसनीखेज खुलासा: Zepto फ्रेंचाइजी के नाम पर 20 लाख की ठगी — लेडी सिंघम नीतू कादयान की अगुवाई में वाराणसी साइबर पुलिस ने झारखंड से पकड़े 2 शातिर ठग!

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वाराणसी। वाराणसी कमिश्नरेट की साइबर क्राइम टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म “Zepto” की फर्जी फ्रेंचाइजी देने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठगों के गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने झारखंड के कुख्यात साइबर हब जामताड़ा और देवघर से दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई का नेतृत्व वाराणसी की लेडी सिंघम — अपर पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) सुश्री नीतू कादयान ने किया। पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल और डीसीपी अपराध श्री सरवण टी. के निर्देशन में गठित दो विशेष टीमों ने तकनीकी सर्विलांस के जरिये इन ठगों को उनके ठिकानों से दबोच लिया।

कैसे हुआ खुलासा

वाराणसी निवासी आयुष कुमार पूनम महतो ने 13 अगस्त 2025 को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात लोगों ने Zepto की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ₹20,16,500/- रुपये की धोखाधड़ी की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लेडी सिंघम नीतू कादयान ने एसीपी विदुष सक्सेना और प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी कुशवाहा की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की, जिसने डिजिटल साक्ष्य और बैंक ट्रेल की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई।

गिरफ्तार आरोपी और बरामद सामान

1️⃣ रजनीश कुमार निवासी जामताड़ा (झारखंड)

2️⃣ आनंद प्रसाद तिवारी निवासी देवघर (झारखंड)

पुलिस ने इनके पास से लगभग ₹14 लाख के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और ₹54,500 नग़द बरामद किए हैं।

बरामद सामान में शामिल:

• 11 एंड्रॉयड मोबाइल (कीमत ₹2,20,000)

• 3 की-पैड मोबाइल

• 2 लैपटॉप (कीमत ₹1,20,000)

• 2 वाई-फाई राउटर

• 3 सिम कार्ड

• 4 फर्जी दस्तावेज

• नकद ₹54,500

साइबर अपराधियों का यह गिरोह बेहद प्रोफेशनल और संगठित तरीके से काम करता था।

🔸 ये Zepto, Blinkit, Amul Dairy, Zudio, Dhani Finance जैसी बड़ी कंपनियों के नाम पर फर्जी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया विज्ञापन बनाते थे।

🔸 आकर्षक विज्ञापनों से लोग जुड़ते, और ठग भरोसा जीतकर GST, पैन, आधार जैसे दस्तावेज मांगते।

🔸 इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी मनी, प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर लाखों की ठगी करते।

🔸 पैसे को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर झारखंड से कैश निकाल लेते थे।

लेडी सिंघम की सटीक रणनीति से गिरोह धराशायी

अपर पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) सुश्री नीतू कादयान ने इस ऑपरेशन को न केवल तकनीकी सूझबूझ से संचालित किया, बल्कि टीम को लगातार मैदानी दिशा-निर्देश भी दिए।
उनकी देखरेख में वाराणसी साइबर टीम ने झारखंड के जाल को चीरते हुए दोनों अपराधियों को गिरफ्तार कर वाराणसी लाया।

इन सभी ने अपनी सूझबूझ और मेहनत से वाराणसी पुलिस का नाम एक बार फिर ऊंचा किया।

वाराणसी पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि —

➡ किसी भी कंपनी की फ्रेंचाइजी या निवेश संबंधी जानकारी के लिए केवल उनकी आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से संपर्क करें।

➡ किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या विज्ञापन से सावधान रहें और ठगी की आशंका होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।

वाराणसी साइबर पुलिस की यह कार्रवाई एक सशक्त संदेश है — अपराधी चाहे जितना शातिर हो, कानून की पकड़ से नहीं बच सकता।
लेडी सिंघम नीतू कादयान और उनकी टीम की यह सफलता पूरे पूर्वांचल में चर्चा का विषय बन गई है।

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