लाखों फूंकने के बाद भी नागेपुर पानी-पानी, मंदिर से तहसील रोड तक डूबा।

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चन्दौली सकलडीहा

तहसील अंतर्गत आने वाले नागेपुर ग्राम सभा में विकास दावों की पोल खुल गई है। ग्राम सभा में जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के नाम पर लाखों रुपये पानी की तरह बहा दिए गए, लेकिन जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है।

आलम यह है कि हल्के से मौसम में भी पूरा इलाका टापू में तब्दील हो जाता है। नागेपुर ग्राम सभा के मुख्य मार्गों से लेकर समय माता मंदिर तहसील रोड तथा कॉलेज रोड व सार्वजनिक स्थलों तक इस समय केवल पानी ही पानी नजर आ रहा है।

वही समय माता मंदिर में जल जमा होने से समस्याएं उत्पन्न हो रही है जिससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना करने में भारी परेशानी हो रही है। यही नहीं, क्षेत्र की लाइफलाइन कही जाने वाली तहसील रोड पर भी कई फीट तक पानी जमा है।

इस मुख्य मार्ग से रोजाना हजारों की संख्या में फरियादी, अधिवक्ता और अधिकारी गुजरते हैं, जिन्हें इस गंदे पानी के बीच से होकर जाना पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इससे पूर्व में भी विगत वर्ष पूर्व ग्राम सभा ग्राम सभा में इसी प्रकार का जल जमा हुआ था जिसको लेकर शान द्वारा लाखों रुपए भी निर्गत किए गए थे

जिससे नाली की समस्या का निदान हो सके वह कुछ दिनों बाद समस्याएं बढ़ाने पर दूसरी बार भी धन स्वीकृत की गई थी लेकिन सारे कार्य किस प्रकार से संपन्न कराए गए हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2 दिन के बारिश में ही पूरा परिसर रोड जलमग्न हो गया है

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम प्रधान और संबंधित विभाग द्वारा जल निकासी के नाम पर नालियों का निर्माण तो कराया गया, लेकिन बिना किसी सही ढलान और प्लानिंग के। लाखों रुपये का बजट ठिकाने लगाने के बाद भी पानी की निकासी का कोई मुकम्मल जरिया नहीं तलाशा गया।

नालियां कचरे से पटी पड़ी हैं, जिससे बैकफ्लो होकर पानी सड़कों और लोगों के घरों के सामने जमा हो रहा है। सड़कों और मंदिर परिसर में सड़ रहे इस गंदे पानी के कारण पूरे इलाके में भीषण बदबू फैलने व मच्छरों का प्रकोप बढ़ने किया आशंका है।

स्थानीय लोगों में डेंगू, मलेरिया और टायफाइड जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत स्थानीय प्रशासन और खंड विकास अधिकारी BDO से की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

आक्रोशित जनता ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल निकासी की व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो वे तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

 

रिपोर्ट – आलिम हाशमी

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