प्रदेश की ग्राम पंचायतों और जिला पंचायतों में प्रशासक बनाए गए निवर्तमान जनप्रतिनिधियों के अधिकार और जिम्मेदारियां जल्द स्पष्ट होंगी। पंचायती राज विभाग इसके लिए विस्तृत दिशानिर्देश तैयार कर रहा है, जिसके आधार पर प्रशासक अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। विभाग का उद्देश्य पंचायतों के विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों को बिना किसी बाधा के जारी रखना है।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार ग्राम पंचायतों और जिला पंचायतों द्वारा पहले से स्वीकृत कार्यों को प्रशासक जिलाधिकारी की अनुमति लेकर पूरा करा सकेंगे। वहीं ग्राम पंचायतों की नई कार्ययोजनाओं का अनुमोदन जिलाधिकारी स्तर पर किया जाएगा। जिला पंचायतों की नई कार्ययोजनाएं जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजी जाएंगी, जहां उन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार पंचायत प्रतिनिधियों को पहली बार प्रशासक बनाए जाने के बाद उनके अधिकार क्षेत्र को लेकर भ्रम की स्थिति बनी थी। इसे देखते हुए पंचायती राज विभाग उन कार्यों की सूची तैयार कर रहा है जिन्हें प्रशासक करा सकेंगे और जिन्हें नीतिगत निर्णय माना जाएगा। विभाग जल्द ही दिशा-निर्देश जारी करेगा, ताकि पंचायतों में विकास कार्यों और दैनिक प्रशासनिक कार्यों का संचालन सुचारु रूप से जारी रह सके।










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